5 साल में बनेंगे 35 लाख घर, नई हाउसिंग पॉलिसी को मिली मंजूरी, ये है खास बातें
Maharashtra News: नई हाउसिंग पॉलिसी को महाराष्ट्र सरकार ने इस संबंध में शासन निर्णय जारी किया है। इसमें 70 हजार करोड़ का निवेश होगा। इसका लक्ष्य राज्य को झोपड़पट्टियों से मुक्त करना है।
- Written By: सोनाली चावरे
सीएम फडणवीस
Maharashtra New Housing Policy: क्षेत्रफल के मामले में देश के तीसरे और आबादी में राज्य के दूसरे सबसे बड़े राज्य महाराष्ट्र में सभी के घर के सपने को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने नई गृहनिर्माण नीति बनाई है। राज्य सरकार ने बुधवार को इस संबंध में शासन निर्णय जारी किया। नई नीति के तहत सरकार ने अगले पांच साल अर्थात वर्ष 2030 तक 35 लाख घर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार को उम्मीद है कि नई पॉलिसी के क्रियान्वयन से हाउसिंग क्षेत्र में 70 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा।
मेरा घर-मेरा अधिकार के उद्देश्य शीर्षक के तहत गृह निर्माण नीति 2025 के क्रियान्वयन के लिए शासन निर्णय जारी है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए 35 लाख घर बनाना है। नई हाउसिंग पॉलिसी का मुख्य लक्ष्य राज्य को झोपड़पट्टियों से मुक्त करना और सभी के लिए घर उपलब्ध कराना है।
नीति के अनुसार राज्य में झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्वास और पुनर्विकास के लिए एक व्यापक कार्यक्रम लागू किया जाएगा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, औद्योगिक श्रमिकों और छात्रों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
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नई हाउसिंग पॉलिसी को मई में मिली थी मंजूरी
महाराष्ट्र में बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखकर यह नीति तैयार की गई है। 20 मई 2025 को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुछ बदलावों के साथ इस नीति को मंजूरी प्रदान की गई थी। महाआवास निधि को बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपए किया गया है। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए वर्ष 2030 तक 35 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस टारगेट को पूरा करने के लिए विकास नियंत्रण और नियमों को मजबूत और संशोधित किया जाएगा।
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निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए विभिन्न प्रोत्साहन उपाय किए जाएंगे। निवेशकों को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस पर 1%जीएसटी, 2.5 तक एफएसआई, 10% व्यावसायिक उपयोग की अनुमति, विकास कर छूट में छूट, पंजीयन और स्टाम्प शुल्क में छूट, पहले 10 वर्षों के लिए संपत्ति कर में छूट और छात्र आवास परियोजनाओं से होने वाले लाभ पर 100% कर छूट शामिल हैं।
ये है नई हाउसिंग पॉलिसी की प्रमुख बातें
- राज्य में घरों की जरूरत का पता लगाने के लिए 2026 तक जिलेवार सर्वेक्षण किया जाएगा।
- नीति में पर्यावरण अनुकूल निर्माण, किराए के किफायती घर, श्रमिकों और छात्रों के आवास को प्राथमिकता।
- गृह निर्माण परियोजनाओं के लिए एक राज्य स्तरीय सूचना पोर्टल बनाया जाएगा।
- औद्योगिक श्रमिकों और प्रवासी नागरिकों के लिए किफायती किराए की आवास योजनाओं को प्राथमिकता।
