Maharashtra MLC Election में महायुति को झटका, महाआघाड़ी ने 5 में से 3 सीटें जीतीं; नागपुर-पुणे में BJP को हार

Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों के नतीजों में सत्तारूढ़ महायुति को झटका लगा है। विपक्ष (MVA) ने 3 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी के गढ़ नागपुर में कांग्रेस के वंजारी जीते।
Setback for Mahayuti in Maharashtra Legislative Council elections
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावसोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • 5 सीटों में महायुति को 2, महाआघाड़ी को 3 सीटें।

  • नागपुर और पुणे में बीजेपी की हार।

  • प्रफुल पटेल ने आत्ममंथन की जरूरत बताई।

Maharashtra Legislative Council Election Results: महाराष्ट्र के विधान परिषद चुनाव सत्तारूढ़ महायुति सरकार के लिए महाझटका लेकर आए। राज्य की 5 सीटों पर बुधवार को देर रात तक चली मतगणना के बाद बीजेपी-शिंदे सेना और अजीत गुट की राकां को मात्र 2 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि कांग्रेस और पवार गुट की अगुवाई वाली विपक्षी महाआघाड़ी ने 3 सीटों पर विजयश्री हासिल करके लोकसभा चुनाव के परिणामों की याद दिला दी। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि ग्रैजुएट सीट मतलब पढ़े-लिखे वोटरों का सहभाग होता है। बीजेपी के मकड़जाल से मुक्ति के लिए पढ़े-लिखे वोटरों की बगावत की शुरुआत महाराष्ट्र से हो गई। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र की तीनों ग्रैजुएट सीटों पर बीजेपी 2 सीटों पर लड़ी और दोनों हार गई जबकि अजीत गुट को एकमात्र सीट पर पराजय का मुंह देखना पड़ा।

कांग्रेस के वंजारी का नागपुर सीट पर कब्जा

महाराष्ट्र के सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर एक बार फिर से कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने कब्जा जमा लिया। किसी समय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कब्जे वाली सीट पर बीजेपी करीब 52 साल तक जीतती रही। वंजारी ने पिछले चुनावों में बीजेपी के संदीप जोशी को पराजित किया था।

इस बार वंजारी ने बीजेपी प्रत्याशी सुधाकर कोहले को हराकर संघ मुख्यालय में कांग्रेस का परचम लहरा दिया। 48 घंटे से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद अंतिम परिणाम घोषित नहीं हुआ। 35वें एलिमिनेशन राउंड के बाद बीजेपी प्रत्याशी सुधाकर कोहले ने पराजय स्वीकार करते हुए वंजारी को जीत की बधाई दी। कोटा पूरा नहीं होने पर भी वंजारी को सबसे ज्यादा वोट मिलने के आधार पर गुरुवार को विजयी घोषित किया जाएगा।

पुणे स्नातक में हर्षदा का परचम

पुणे में स्नातक सीट पर भी बीजेपी की साख को बड़ा बट्टा लगा। यहां महाआघाड़ी की प्रत्याशी हर्षदा देशमुख से बीजेपी की प्रत्याशी स्मिता योगेश जाधव को पराजय झेलनी पड़ी। बीजेपी के लिए नागपुर के बाद पुणे भी अभेद्य गढ़ के रूप में उभर रहा है। ऐसे में शरद पवार की जीत उसका भविष्य का गणित बिगाड़ सकती है।

अमरावती में शिंदे के सरनाईक जीते

विदर्भ की अमरावती टीचर सीट पर शिंदे गुट के मौजूदा विधायक किरण सरनाईक ने एक बार फिर जीत दर्ज की। अंतिम मतगणना में सरनाईक को 16,663 वोट मिले। यहां कांग्रेस की अदिति पोहरे को 8,636 वोट लेकर दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।

बागियों ने बिगाड़ दिया महायुति का पूरा खेल

चुनाव की घोषणा होने के बाद महायुति और महाविकास आघाड़ी दोनों गठबंधनों में सीट बंटवारे को लेकर आपसी विवाद जारी रहा। जहां बागी अपनी ही पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ मैदान में उतर गए तो वहीं मित्र धर्म को तिलांजलि देकर अपने ही सहयोगी दल के प्रत्याशी के खिलाफ ताल ठोक दी।

पुणे स्नातक सीट से बीजेपी के कौस्तुभ गावड़े के खिलाफ शिंदे सेना के समर्थन में सचिन सानप ने चुनाव लड़ा। संभाजीनगर में राकां (एसपी) के प्रताप सिंह पाटिल के विरुद्ध ठाकरे सेना के दिलीप घुगे ने चुनाव लड़ा।

पुणे स्नातक सीट से राकां (एसपी) की हर्षदा देशमुख के सामने ठाकरे सेना के सुनील मोदी ने चुनौती दी। अमरावती शिक्षक सीट से शिंदे गुट के किरण सरनाईक और श्रीकांत देशपांडे बतौर निर्दलीय आमने-सामने रहे। अमरावती में बीजेपी सांसद अनिल बोंडे की बहन ने भी पार्टी से बगावत करके भाग्य आजमाया था।

2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने महाराष्ट्र में जिस तरह का प्रदर्शन किया था, कमोबेश उसी तरह के परिणाम इस विधान परिषद चुनाव में भी देखने को मिले। तब विदर्भ की 10 सीटों में से कांग्रेस ने 4 सीटों पर जीत हासिल की थी।

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प्रफुल ने कहा, खतरे की घंटी

विधान परिषद चुनावों में मिली हार के बाद राकां (सुनेत्रा पवार गुट) पार्टी को बड़ा झटका लगा। छत्रपति संभाजी नगर और पुणे की सीटें गंवाने के बाद पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने कहा कि विधान परिषद चुनाव के परिणाम हमारे लिए खतरे की घंटी है।

उन्होंने पक्ष नेतृत्व को आत्ममंथन की नसीहत दी। मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में तीन बार के विधायक पार्टी के उम्मीदवार सतीश चव्हाण को हार का सामना करना पड़ा। सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में राकां ने पांच में से सिर्फ मराठवाड़ा स्नातक सीट लड़ी थी। रील स्टार रविराज साबले ने करीब 20 हजार वोट काटे।

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इस परिणाम को स्पष्ट चेतावनी बताते हुए प्रफुल पटेल ने सोशल नेटवर्किंग साइट 'एक्स' पर लिखा कि भरोसा दोबारा जीतने, प्राथमिकताएं तय करने और संगठन मजबूत करने के लिए आत्ममंथन जरूरी है। संगठन को मजबूत करने के लिए नेतृत्व को अपनी प्राथमिकताओं में तत्काल सुधार करना होगा।

चर्चा है कि उनका इशारा सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की ओर है। पिछले चुनाव में एक भी सीट न जीत पाने वाली बीजेपी को इस चुनाव में 2 सीटों का फायदा हुआ। शिंदे सेना को एक सीट मिली, जबकि राकां सुनेत्रा पवार गुट को निराशा हाथ लगी। महाविकास आघाड़ी में कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) को करारी हार का सामना करना पड़ा।

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