यवतमाल में महावितरण का बड़ा एक्शन: दो दिनों में 1 करोड़ 2 लाख रुपये की हाईटेक बिजली चोरी का पर्दाफाश
Yavatmal Mahavitaran News: यवतमाल में महावितरण की टीमों ने पुलिस बंदोबस्त के साथ छापेमारी कर दो दिनों में 1.02 करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी। चोर रिमोट और जैमर जैसे हाईटेक तरीके अपना रहे थे।
- Written By: रूपम सिंह
बिजली चोरी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Yavatmal Electricity Theft: यवतमाल जिले में बढ़ती बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए महावितरण ने अब सख्त और आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। लगातार मिल रही शिकायतों और तकनीकी जांच में सामने आए संदिग्ध आंकड़ों के बाद महावितरण की विशेष टीमों ने शहर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई में केवल दो दिनों के भीतर 1 करोड़ 2 लाख रुपये से अधिक की बिजली चोरी उजागर होने से हड़कंप मच गया है।
मंगलवार को पांढरकवड़ा मार्ग स्थित गुलशन नगर, कोहिनूर सोसायटी सहित कई रिहायशी इलाकों में महावितरण की 15 टीमों ने एक साथ दबिश दी। महज डेढ़ घंटे तक चली इस संयुक्त कार्रवाई में 50 लाख रुपये से अधिक की बिजली चोरी पकड़ी गई। इसके बाद बुधवार को भी विशेष जांच अभियान जारी रखते हुए शर्मा लेआउट और सिद्धेश्वर लेआउट में 26 घरों की जांच की गई, जहां करीब 52 लाख रुपये की बिजली चोरी सामने आई। लगातार दूसरे दिन हुई इस कार्रवाई ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है।
यवतमाल जिले महावितरण अधिकारियों के अनुसार बिजली चोरी के लिए इस बार बेहद आधुनिक और तकनीकी तरीकों का उपयोग किया जा रहा था। जांच के दौरान कई घरों में रिमोट कंट्रोल सिस्टम, जैमर डिवाइस, मुख्य बिजली लाइन को बायपास करने की व्यवस्था तथा सीधे तार जोड़कर बिजली उपयोग करने जैसे हाईटेक तरीके सामने आए। कुछ स्थानों पर मीटर की रीडिंग रोकने और बिजली खपत कम दिखाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की संगठित बिजली चोरी न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाती है, बल्कि इससे बिजली व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ता है।
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महावितरण के अधीक्षक अभियंता प्रवीण दरोली ने कहा कि जिले में बड़े पैमाने पर हो रही बिजली चोरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी के कारण महावितरण को आर्थिक नुकसान होता है, जिसका अप्रत्यक्ष भार ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं से जिले की छवि खराब होती है और बिजली व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस विभाग की ओर से कड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया था। महावितरण की विशेष जांच टीम में 75 कर्मचारियों के साथ लगभग 50 पुलिसकर्मी शामिल थे। कई इलाकों में अचानक हुई छापेमारी से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। अधिकारियों ने संदिग्ध कनेक्शनों की जांच कर कई अवैध जोड़ियां तत्काल काट दीं।
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पुलिस बंदोबस्त के बौच कार्रवाई
महावितरण सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी का मामला दर्ज हुआ है, उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि से बचें।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे यवतमाल जिले में बिजली चोरों में दहशत का माहौल है। महावितरण की टीम अब लगातार निगरानी कर रही है और तकनीकी सर्वेक्षण के माध्यम से संदिग्ध इलाकों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी रोकने के लिए भविष्य में और भी बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाएंगे।
