आई लव मोहम्मद और आई लव महादेव विवाद का निकला तोड़! महाराष्ट्र के लातूर से आयी अनोखी तस्वीर
Latur News: देश में 'आई लव मोहम्मद' और 'आई लव महादेव' पर मचे बवाल के बीच महाराष्ट्र के लातूर से एक अनोखी तस्वीर सामने आयी है। इसमें साम्प्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया गया।
- Written By: आकाश मसने
लातूर में I Love India के पोस्टर लिए लोग (सोर्स: IANS)
I love India Campaign: उत्तर प्रदेश के कानपुर की हालिया घटनाओं के बाद जहां “आई लव मोहम्मद” और “आई लव महादेव” जैसे बैनर लेकर रैलियां आयोजित की जा रही हैं, वहीं महाराष्ट्र के लातूर से एक अलग ही संदेश सामने आया है। लातूर में एक अनोखी पहल ने देश में साम्प्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया है। यहां लोगों ने ‘हम सब एक हैं’ का नारा देते हुए सर्वधर्म समभाव को बढ़ावा दिया।
लातूर शहर के गांधी चौक पर सद्भावना मंच की ओर से यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर लिए नजर आए, जिन पर लिखा था “आई लव मोहम्मद, आई लव महादेव, आई लव बुद्ध, आई लव संविधान, आई लव इंडिया और आई लव जीजस”। यह दृश्य दर्शकों को एकजुटता और भाईचारे का प्रतीक लग रहा था, क्योंकि सभी धर्मों और विचारों के प्रतीक एक मंच पर नजर आए।
हम एकजुट हों, तो देश और मजबूत होगा
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि इसका मकसद किसी धर्म को बड़ा या छोटा दिखाना नहीं है, बल्कि सभी धर्मों को समान सम्मान देना है। उनका कहना था कि केवल इसी से देश में शांति और भाईचारा कायम रहेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर मतभेदों को दरकिनार कर हम एकजुट हों, तो देश और मजबूत होगा।
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लातूर सद्भावना मंच के एक अन्य युवा सदस्य ने कहा कि देश में पिछले लगभग 10 सालों से जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है। चुनावों के समय यह माहौल और भी गर्म हो जाता है। ऐसे समय में लातूर में यह पहल यह दर्शाती है कि शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होना जरूरी है।
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एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि कुछ लोग समाज को विभाजित करने का काम कर रहे हैं, इसलिए हमें एकजुट होकर प्रेम और सौहार्द का संदेश फैलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि धर्मगुरुओं की प्रेरणा और मंच के सहयोग से यह कार्यक्रम सफल हुआ और इसने लोगों में भाईचारे और एकता का संदेश फैलाया।
इस तरह लातूर से उठी यह पहल केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है। यह संदेश स्पष्ट करता है कि धर्म, जाति या विचारों के भेद को छोड़कर जब लोग एकजुट होते हैं, तभी समाज और राष्ट्र सशक्त बन सकता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
