NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा: डॉ. मनोज शिरुरे के फ्लैट में लगनी थी ‘विशेष क्लास’, CBI जांच में खुली पोल
NEET Paper Leak Latur CBI Investigation: नीट पेपर लीक में बड़ा खुलासा। लातूर में डॉ. मनोज शिरुरे के फ्लैट पर लगनी थी 'विशेष सीक्रेट क्लास', तेजस शाह ही था 'गॉड'।
- Written By: अनिल सिंह
'प्लैटिनम गोल्ड बैच' की आड़ में NEET पेपर लीक का खेल (फोटो क्रेडिट-X)
NEET Paper Leak Update: नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, लातूर और पुणे के बड़े कोचिंग माफियाओं और डॉक्टरों का गठजोड़ (Nexus) सामने आ रहा है। जांच में पता चला है कि लातूर के आरसीसी क्लासेस में “प्लैटिनम गोल्ड बैच” (Platinum Gold Batch) के नाम पर अमीर छात्रों से अत्यधिक और भारी-भरकम फीस वसूली जाती थी। इसी बैच के चुनिंदा छात्रों को पूरी तरह गुप्त रखते हुए परीक्षा से ठीक पहले डॉ. मनोज शिरुरे के फ्लैट पर ले जाकर लीक प्रश्नपत्र हल करवाए जाने थे, जहां प्रोफेसर प्रल्हाद कुलकर्णी खुद केमिस्ट्री की ‘विशेष कक्षाएं’ लेने वाले थे।
सीबीआई को पुख्ता संदेह है कि पेपर सेट करने और रीजनल भाषाओं में उसका अनुवाद करने वाले प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी ने ही अपनी पहुंच का फायदा उठाकर डॉ. शिरुरे और प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर तक केमिस्ट्री का मूल प्रश्नपत्र लीक किया था। इस तिकड़ी के तार सीधे राष्ट्रीय स्तर के पेपर लीक गिरोह से जुड़े होने की आशंका है, जिसके लिए सीबीआई अब इनके जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल और बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच कर रही है।
20,000 में खरीदा गया फिजिक्स का पेपर
इस पूरे कांड में पुणे से एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब सीबीआई ने ‘डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी’ पर छापा मारकर फिजिक्स के शिक्षक तेजस शाह को गिरफ्तार किया। शाह ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने महज 20,000 रुपये की घूस देकर एक पुलिस कांस्टेबल के माध्यम से फिजिक्स का लीक प्रश्नपत्र हासिल किया था।
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डिलीट की गई व्हाट्सएप चैट
नीट पेपर लीक मामले की सह-आरोपी मनीषा हवलदार और मनीषा मंधारे ने स्वीकार किया है कि पकड़े जाने के डर से उन्होंने व्हाट्सएप पर हुई सभी संदिग्ध चैट्स को डिलीट कर दिया था। सीबीआई अब डिलीट किए गए इन डेटा को रिकवर करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ले रही है।
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49 ठिकानों पर सीबीआई की रेड
मेडिकल प्रवेश परीक्षा की शुचिता को तार-तार करने वाले इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने देशव्यापी अभियान छेड़ रखा है। दिल्ली, राजस्थान के जयपुर, हरियाणा के गुरुग्राम और महाराष्ट्र के नासिक, पुणे, लातूर व अहिल्यानगर (अहमदनगर) सहित कुल 49 महत्वपूर्ण ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया है।
जब्त हुए डिजिटल सबूत और अहम दस्तावेज
इस छापेमारी के दौरान दर्जनों लैपटॉप, संदेहास्पद बैंक पासबुक, करोड़ों रुपये के लेन-देन की डायरियां और हाई-एंड स्मार्टफोन जब्त किए गए हैं, जिनसे इस रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
गॉड’ अकाउंट का सच आया सामने
सीबीआई की जांच के दौरान मनीषा हवलदार के पति के मोबाइल से मिला ‘गॉड’ (GOD) नाम का व्हाट्सएप अकाउंट इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य कंट्रोल रूम था। पहले जांच एजेंसियां इसे किसी राजनीतिक रसूखदार का नंबर मान रही थीं, लेकिन कड़ाई से पूछताछ के बाद यह साबित हो गया कि तेजस शाह ही इस छद्म नाम से व्हाट्सएप पर सक्रिय था और यहीं से प्रश्नपत्रों की सौदेबाजी और उत्तर पुस्तिकाओं की तस्वीरें साझा की जा रही थीं। इस खुलासे के बाद महाराष्ट्र के उन हजारों ईमानदार छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर नीट की परीक्षा दी थी।
