

Latur Heatstroke Death: महाराष्ट्र में सूरज की तपिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भीषण गर्मी और हीटवेव का कहर जारी है। ताजा मामला लातूर जिले की निलंगा तहसील के पानचिंचोली गांव से सामने आया है, जहां एक 75 वर्षीय बुजुर्ग किसान की संदिग्ध लू लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद जिले में गर्मी से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 4 हो गया है।
मृतक किसान की पहचान त्र्यंबक नारायण बेलंबे के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे जब सूरज अपने चरम पर था, त्र्यंबक अपने खेत में मवेशियों के लिए चारा काट रहे थे। इसी दौरान भीषण गर्मी के कारण उन्हें अचानक चक्कर आया और वे खेत में ही गिर पड़े। परिजन उन्हें आनन-फानन में नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लातूर जिले में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी गर्मी तीन जिंदगियां लील चुकी है। औसा तहसील के एरंडी गांव में 25 वर्षीय महेश इंगोले की खेत से लौटने के बाद चक्कर आने से मौत हो गई थी। वहीं गोंद्री गांव में नौ महीने के एक मासूम की भी गर्मी के कारण मौत होने का संदेह जताया गया था। इसके अलावा औराद शहाजनी में 60 वर्षीय किसान की भी तेज गर्मी के चलते मौत हुई थी।
मौसम विभाग के अनुसार, लातूर में पारा लगातार 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि औराद शहाजनी जैसे इलाकों में यह 43 डिग्री तक जा पहुंचा है। वहीं, विदर्भ क्षेत्र की स्थिति और भी भयावह है। अकोला में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
भीषण गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और उन किसानों पर पड़ रहा है जो दोपहर में खुले आसमान के नीचे काम करने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सख्त एडवायजरी जारी की है।
दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें, लगातार तरल पदार्थों का सेवन करें।
हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें।