प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Wardha Women and Child Development News: वर्धा विस चुनाव से पहले सरकार की ओर से ‘लाडली बहन’ योजना की घोषणा कर लाभार्थियों के बैंक खातों में अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से जमा करना शुरू किया गया,लेकिन फिलहाल इस योजना के आधिकारिक पोर्टल ने ‘लाड़ली बहनों’ का साथ छोड़ दिया है। पोर्टल पर आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण स्थानीय अधिकारी भी बेबस हो गए हैं। गलत ई-केवाईसी का हवाला देकर बड़ी संख्या में लाभार्थियों को योजना के लिए अपात्र ठहराने का सिलसिला शुरू हो गया है।
राज्य की महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाने, उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करने तथा परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य में ‘मुख्यमंत्री माझी लाड़ली बहन’ योजना 28 जून 2024 को शुरू की गई। इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये डीबीटी के जरिए दिए जा रहे हैं। कुछ समय पहले लाभार्थियों को ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए थे।
कई महिलाओं ने रात-रात जागकर ई-केवाईसी भी पूरी की लेकिन अब गलत ई-केवाईसी का कारण बताकर पात्र लाभार्थी महिलाओं को भी योजना से बाहर किया जा रहा है। जिन लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि जमा नहीं हुई है, वे महिला एवं बाल विकास विभाग में जाकर पूछताछ कर रही हैं। हालांकि, वहां कार्यरत अधिकारियों को पोर्टल पर जानकारी जांच ने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे भी फिलहाल परेशान हैं।
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