Gadchiroli News: कुरखेड़ा पैसे वसूली और महिला कर्मचारियों को शारीरिक और मानसिक रूप से त्रस्त करने वाले कुरखेड़ा के सहायक गुटविकास अधिकारी डीबी उराडे के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज करें, ऐसी मांग तहसील ग्रापं अधिकारी संगठन द्वारा कुरखेड़ा के उपविभागीय पुलिस अधिकारी रविंद्र भोसले को सौंपे ज्ञापन में की गई।
इस समय तहसील के करीब ग्रापं के ग्रापं अधिकारी उपस्थित थे। एसडीपीओ से की शिकायत में कहा कि कुरखेड़ा पंस में दाखिल होते हुए गुटविकास अधिकारी उराडे और ग्रापं अधिकारी संगठन के बीच विवाद शुरू हो गया है। उराडे ने तहसील के अधिकत्तर ग्रापं को भेंट देकर दफ्तर जांच के नाम पर अभिलेख की विस्मृत जांच न करते हुए मनमानी ढंग से रिपोर्ट तैयार कर भ्रष्टाचार होने का नोटिस संबंधित ग्रापं अधिकारियों को भिजवाना शुरू किया।
वहीं महिला कर्मचारियों को विशेष टार्गेट करते हुए उनके ग्रापं देर शाम तक जांच करने और अपने कक्ष में दोतीन घंटों तक बैठाकर मानसिक और शारीरिक रूप से त्रस्त करने के साथ ही मामला दर्ज करने की धमकी दी जा रही है। इन मामलों से संबंधित कर्मचारियों की कार्य करने की मानसिकता बिगड़ रही है। विशेषत उराडे के परिचित चंद्रपुर जिले के पत्रकार, कार्यकर्ताओं के माध्यम से सूचना अधिकार कानून के तहत ग्रापं की जानकारी और शिकायत करना शुरू करने से ग्रापं के कामकाज पर विपरित परिणाम हो रहा है।
इससे पहले भी संबंधित अधिकारी के खिलाफ संगठन द्वारा जिलाव्यापी कामबंद व प्रदर्शन किया गया था। जिससे इन मामलों का गंभीरता से संज्ञान लेकर सहायक गुटविकास अधिकारी उराडे के खिलाफ मामला दर्ज करें। ज्ञापन सौंपते समय तहसील ग्रापं अधिकारी संगठन के अध्यक्ष दिवाकर निंदेकर, सचिव लोमेश्वर किरणापूरे, उपाध्यक्ष गौतम गेडाम, नरेंद्र आबोने, योगेश टिकले, डाकराम ठाकरे, विलास बावणे, योगाजी बंसोड समेत ग्रापं के अधिकारी उपस्थित थे। जीजीपी 7