मुंबई मानखुर्द में दही हांडी बांधते समय हादसा, 32 वर्षीय गोविंदा की गिरकर मौत

Mumbai Dahi Handi accident: मुंबई मानखुर्द में जन्माष्टमी पर दही हांडी बांधते समय 32 वर्षीय गोविंदा की गिरकर मौत हो गई है। इस हादसे से जश्न का महौल मातम में बदल गया।
मुंबई दही हांडी हादसा (pic credit; social media)
मुंबई दही हांडी हादसा (pic credit; social media)
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Mumbai Krishna Janmashtami Accident: जन्माष्टमी के मौके पर पूरे महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। लेकिन इस खुशी के माहौल के बीच मुंबई के मानखुर्द इलाके से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। शनिवार (16 अगस्त) की दोपहर दही हांडी बांधते समय 32 वर्षीय एक युवक की गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान जगमोहन शिवकिरण चौधरी के रूप में हुई है।

नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि चौधरी मानखुर्द के महाराष्ट्र नगर स्थित अपने घर की पहली मंजिल की खिड़की से रस्सी के सहारे दही हांडी बांधने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर पड़ा। गिरने से गंभीर रूप से घायल चौधरी को तुरंत शताब्दी गोवंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गोविंदा परंपरा और दही हांडी का महत्व

दही हांडी महाराष्ट्र का प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव है, जो जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की याद में मनाया जाता है। इस परंपरा में ‘गोविंदा’ कहलाने वाले युवक टोली बनाकर मानव पिरामिड तैयार करते हैं और ऊंचाई पर लटकी हुई दही-मक्खन से भरी मटकी फोड़ते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि खेल भावना और सामूहिक एकता का प्रतीक भी माना जाता है।

मानखुर्द में हुआ यह हादसा एक अलग परिस्थिति में घटित हुआ। यहां मृतक युवक रस्सी से दही हांडी बांध रहा था, न कि पिरामिड बनाकर उसे फोड़ने का प्रयास कर रहा था। इसके बावजूद यह घटना गोविंदा परंपरा से जुड़ी एक त्रासदी बन गई।

सुरक्षा पर उठे सवाल

हर साल दही हांडी के अवसर पर कई जगह सुरक्षा इंतज़ामों की कमी को लेकर सवाल उठते हैं। गोविंदा के पिरामिड गिरने से चोट लगने और हादसों की खबरें अक्सर सामने आती हैं। सरकार और आयोजक समितियां सुरक्षा नियम तय करती हैं, लेकिन कई बार लोग इन नियमों की अनदेखी कर बैठते हैं।

मानखुर्द में हुए इस हादसे ने एक बार फिर इन सुरक्षा उपायों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोजकों और प्रतिभागियों दोनों को मिलकर सावधानी बरतनी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

उत्सव में मातम

जन्माष्टमी का उत्सव जहां पूरे महाराष्ट्र में उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया, वहीं मानखुर्द का यह हादसा लोगों की आंखें नम कर गया। जिस दिन पूरे राज्य में गोविंदा टोली मटकी फोड़कर उत्सव मना रही थी, उसी दिन एक परिवार अपने जवान बेटे को खोने के गम में डूब गया।

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