नागरिकों को विविध लाभ योजनाओं से रखा जा रहा वंचित, ओबीसी महासंघ के जिल्हाध्यक्ष चौकसे भेजा ज्ञापन

Social Welfare Scheme: खामगांव में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ ने सामाजिक न्याय राज्य मंत्री को ज्ञापन भेजकर विभिन्न योजनाओं के हजारों अस्वीकृत आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। 
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OBC Mahasangh (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Khamgaon OBC Mahasangh: संजय गांधी निराधार अनुदान योजना, श्रावण बाल सेवा राज्य निवृत्ति वेतन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धापकाल निवृत्तिवेतन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा निवृत्ति वेतन योजना एव इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग निवृत्ति वेतन योजना के तहत हजारों लाभार्थियों के आवेदन, जो 1 जनवरी से 20 मार्च 2026 के बीच गलत मानदंडों के कारण तहसील कार्यालय में अस्वीकृत कर दिए गए थे, संबंधित अधिकारियों को आदेश देकर उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। यह मांग राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के जिला अध्यक्ष गणेश चौकसे ने सामाजिक न्याय राज्य मंत्री से एक ज्ञापन के जरिए की है।

महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग ने 27 मार्च को सरकारी निर्णय के अनुसार आदेश जारी किया था कि पटवारी आवेदकों के घरों का दौरा करें और योजना के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों के साथ-साथ संयुक्त परिवार के सदस्यों की वार्षिक आय का सत्यापन करें और 27 मार्च 2026 से पोर्टल पर फोटो के साथ स्थान को अद्यतन करें ताकि विशेष सहयोग योजना के पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता वितरित की जा सके। हालांकि इस आदेश का कार्यान्वयन वास्तव में 27 मार्च 2026 से होना अपेक्षित था, लेकिन ऐसा करने के बजाय, सरकार ने गलत तरीके से अवधि को 1 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 20 मार्च 2026 कर दिया है इसे लागू किया गया।

कार्यान्वयन गलत तरीके से किया खारिज

हालांकि इस आदेश का कार्यान्वयन वास्तव में 27 मार्च, 2026 से प्रभावी होना अपेक्षित था, लेकिन ऐसा करने के बजाय, तहसील कार्यालय ने 1 जनवरी, 2026 से 20 मार्च, 2026 तक सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन किए गए खोज आवेदनों को गलत तरीके से खारिज कर दिया।

दी आंदोलन की चेतावनी

जिसके कारण विधवाओं, बेसहारा, बुजुर्गों और दिव्यांग भाइयों को भारी नुकसान हुआ है और हजारों लाभार्थी लाभ से वंचित रह गए हैं। हुए अन्याय के खिलाफ राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ की ओर से कड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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