Katol News: काटोल और नरखेड़ तहसील के नागरिकों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। अब वरिष्ठ स्तर के दिवाणी न्यायालय और न्यायाधीशों के निवास का मामला सुलझ गया है।
पूर्व जिप सदस्य सलील देशमुख की विशेष पहल और संघर्ष के कारण, राज्य शासन ने नप और न्यायालय की भूमि के अदलाबदली की मंजूरी दी है। इससे काटोल में अब भव्य न्यायालयीन संकुल स्थापित होगा। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने 2 जनवरी 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर काटोल में दिवाणी न्यायालय स्थापित करने की मांग की थी।
इसके बाद, देशमुख ने इस मुद्दे पर लगातार शासन से मंजूरी की अपील की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य था, ग्रामीण और दुर्गम इलाकों के किसानों और नागरिकों को नागपुर तक 110 किमी की दूरी तय करने से बचाना। अब इस न्यायालय की मंजूरी मिलने के बाद, देशमुख ने नप की बड़ी भूमि को न्यायालय के लिए देने का प्रस्ताव रखा।
इसके बदले न्यायालय की पुरानी भूमि नप को दे दी जाएगी। इस प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। वकीलों और पक्षकारों को मिलेगी बेहतर सेवाएं काटोल शहर में, विकास प्रारूप में निर्धारित 12,400 वर्ग मीटर 1.24 हेक्टेयर भूमि न्यायालय के भव्य भवन के लिए उपलब्ध होगी।
बदले में, काटोल की 2,900 वर्ग मीटर 0.29 हेक्टेयर भूमि नप को दी जाएगी। इस निर्णय से काटोल में एक आधुनिक और सुविधाजनक न्यायालयीन संकुल बनेगा, जिससे वकीलों और पक्षकारों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।