

Jalna Illegal Sand Mining Fine Restored: मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े मनोज जरांगे की कोर कमेटी के सदस्य संजय कटारे को अवैध रेत खनन मामले में झटका लगा है।
उपविभागीय अधिकारी उमाकांत पारधी ने तत्कालीन तहसीलदार द्वारा कटारे पर लगाया गया 4 करोड़ 90 लाख 72 हजार 200 रुपये का जुर्माना हटाने का आदेश रद्द कर दिया। इसके साथ ही जुर्माने की राशि फिर से लागू हो गई है।
यह मामला जालना जिले की अंबड़ तहसील के साष्टपिंपलगांव और डोमलगांव क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि इन इलाकों में गोदावरी नदी से करीब 2,000 ब्रास अवैध रेत निकालकर उसका परिवहन किया गया। इस मामले में प्रशासन ने वर्ष 2023 में कार्रवाई करते हुए कुल 18 लोगों पर जुर्माना लगाया था।
इनमें संजय कटारे का नाम भी शामिल था। रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन से जुड़े इस मामले में संबंधित अधिकारियों ने नुकसान और नियमों के उल्लंघन के आधार पर जुर्माने की कार्रवाई की थी। बाद में कटारे के नाम से जुड़े जुर्माने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किया गया, जिसके बाद मामला फिर जांच के दायरे में आया।
मामले में तत्कालीन तहसीलदार ने संजय कटारे का नाम जुर्माने की सूची से हटा दिया था। इसके चलते संबंधित जमीन पर दर्ज जुर्माने की राशि का बोझ भी कम हो गया था। तहसीलदार के इस फैसले के बाद मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई और प्रशासनिक स्तर पर इसकी जांच की गई।
जांच के दौरान तहसीलदार द्वारा लिया गया निर्णय नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने की बात सामने आई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि जुर्माने से संबंधित कार्रवाई में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने पूर्व आदेश की समीक्षा करते हुए उसे रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की।
मामले में अब मूल जुर्माने की राशि फिर से लागू कर वसूली की कार्रवाई की जा रही है। अब 4.90 करोड़ रुपये का जुर्माना फिर कायम कर इसे भूमि राजस्व की बकाया राशि के रूप में वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।