

Gadchiroli Bengali Community Land Rights: गड़चिरोली जिले के बंगाली समाज को पुनर्वास कानून के तहत मिली जमीनों से जुड़ा वर्षों पुराना मामला अब सुलझने की दिशा में बढ़ गया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पुनर्वास के तहत आवंटित भोगवटादार वर्ग-2 की जमीनों को वर्ग-1 (पूर्ण मालिकाना हक) में परिवर्तित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
इस संबंध में विधानभवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। सरकार के इस निर्णय से गड़चिरोली जिले की 21,824 एकड़ भूमि का वर्षों पुराना विवाद समाप्त होने की उम्मीद है। इससे जिले के लगभग 40 हजार बंगाली बांधवों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी जमीन पर पूर्ण स्वामित्व का अधिकार प्राप्त होगा।
बैठक में बंगाली समाज के आवासीय भूखंडों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। गड़चिरोली जिले में बंगाली समाज के करीब 10 हजार मकानों को नियमित करने के लिए प्रशासन को तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित गांवठाण जमीन को पूरी तरह निशुल्क नियमित किए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे हजारों गरीब परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
अब तक वर्ग-2 श्रेणी की जमीन होने के कारण बंगाली समाज के लोगों को भूमि की खरीद-बिक्री, बैंक ऋण लेने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। वर्ग-1 का दर्जा मिलने के बाद ये सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी और लाभार्थियों को अपनी जमीन पर पूर्ण कानूनी अधिकार प्राप्त होगा।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रस्ताव को युद्ध स्तर पर तैयार कर अंतिम मंजूरी के लिए शीघ्र शासन को भेजा जाए, जिससे इस निर्णय का लाभ जल्द से जल्द पात्र परिवारों तक पहुंचाया जा सके।
पुनर्वास क्षेत्र की लगभग 1,200 एकड़ कृषि भूमि को नियमित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। रेडी रेकनर मूल्य के 25 प्रतिशत (25%) के अनुसार प्रति एकड़ 8 हजार रुपये जमा करने की सहमति बंगाली समाज के नागरिकों ने स्वयं व्यक्त की है। राजस्व मंत्री ने इस संबंध में कानूनी एवं तकनीकी प्रस्ताव बिना विलंब शासन को भेजने के निर्देश जिला प्रशासन और राजस्व अधिकारियों को दिए हैं।