

Beed Nekanur Police Station ACB Trap: महाराष्ट्र के विभिन्न सरकारी कार्यालयों, राजस्व विभागों और खुद पुलिस महकमे में पिछले कुछ महीनों से भ्रष्टाचार के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं। एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने राज्य के कई जिलों में बड़े पैमाने पर छापेमारी कर कई वरिष्ठ अधिकारियों समेत दर्जनों कर्मचारियों को बेनकाब किया है। इसी कड़ी में ताजा कार्रवाई बीड जिले के नेकानूर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई है, जहां तैनात अमलदार (पुलिस अधिकारी) दत्तात्रेय बलवंत को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रक्षक ही भक्षक बनकर किस तरह आम जनता का शोषण कर रहे हैं।
एसीबी को शिकायतकर्ता से एक पुख्ता इनपुट मिला था कि अधिकारी बलवंत एक मामले को रफा-दफा करने या काम को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
रिश्वत की मांग के संबंध में लिखित शिकायत मिलने के बाद जालना भ्रष्टाचार-विरोधी विभाग की टीम ने प्राथमिक जांच-पड़ताल की, जिसमें शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। इसके बाद, विभाग के डिप्टी सुपरिटेंडेंट बालासाहेब जाधवार के नेतृत्व में एक विशेष सतर्कता टीम का गठन किया गया। रणनीति के तहत नेकानूर पुलिस स्टेशन परिसर में ही जाल बिछाया गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी दत्तात्रेय बलवंत को ₹10,000 की केमिकल युक्त नकदी सौंपी, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने धावा बोलकर बलवंत को रंगे हाथों धर-दबोचा।
नेकानूर पुलिस स्टेशन में हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया देर रात तक चलती रही। एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किया गया यह कर्मचारी पहले भी कई गंभीर विवादों में घिर चुका है। कुछ महीने पहले, एक कृषि भूमि से जुड़े विवाद के सिलसिले में एक स्थानीय किसान और युवक को बेरहमी से धमकाने का उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ था, जिसमें वह युवक का करियर और सामाजिक छवि खराब करने की धौंस दे रहे थे।
उस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे बीड जिले में पुलिसिया बर्बरता और अधिकारी के अभद्र व्यवहार पर चौतरफा सवाल उठे थे और उनकी भारी आलोचना हुई थी। हालांकि, उस घटना से कोई सबक सीखने के बजाय उक्त अधिकारी लगातार अवैध गतिविधियों और भ्रष्टाचार में लिप्त रहा। अब सीधे पुलिस स्टेशन के भीतर रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के कारण नेकानूर पुलिस स्टेशन एक बार फिर पूरे राज्य में गलत वजहों से चर्चा का केंद्र बन गया है। एसीबी अब आरोपी की संपत्ति और उसके द्वारा पूर्व में संभाले गए मामलों की भी गहनता से जांच कर रही है।