

Beed Talathi Suicide Case: बीड जिले के अंबाजोगाई में घटित हुई यह घटना सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में भारी चर्चा का विषय बनी हुई है। 28 साल के होनहार युवक धनंजय उर्फ गणेश दत्तु कोली अंबाजोगाई में ही तलाठी (लेखपाल) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में उनके परिवार ने बड़े ही अरमानों के साथ उनका विवाह दीपाली नाम की युवती से कराया था।
दीपाली अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय के फोरेंसिक विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करती थी, इसलिए दोनों परिवारों में इस विवाह को लेकर बेहद खुशी का माहौल था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह खुशी महज 12 दिनों में मातम में बदल जाएगी। विवाह संपन्न होने के तुरंत बाद से ही दीपाली का व्यवहार अपने पति धनंजय के प्रति बेहद उदासीन और संदेहास्पद रहने लगा था।
जांच अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, दीपाली का शादी से पहले ही किसी अन्य युवक के साथ बेहद गहरा और अनैतिक प्रेम संबंध था। उसने इस सच को अपने माता-पिता और पति धनंजय से पूरी तरह छुपाकर यह शादी की थी। हद तो तब हो गई जब शादी के बाद नए घर में आने पर भी वह धनंजय की नजरों से बचकर अपने उसी प्रेमी के साथ फोन पर घंटों बातचीत में व्यस्त रहने लगी। जब भी धनंजय को उसकी इस हरकत पर शक होता और वह उससे पूछताछ करने का प्रयास करता, तो दीपाली हमेशा गोलमोल और झूठे जवाब देकर बात को टाल दिया करती थी।
अपनी पत्नी के इस बदलते और रहस्यमयी रवैये से परेशान होकर धनंजय ने खुद सच का पता लगाने का फैसला किया। इसी दौरान उनके हाथ दीपाली की एक बेहद निजी डायरी लग गई। जब धनंजय ने उस डायरी को खोलकर पढ़ा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उस डायरी में दीपाली और उसके प्रेमी ने अपने शारीरिक और अनैतिक संबंधों के बारे में हर एक बात बेहद विस्तार से लिख रखी थी। अपनी पवित्र शादी के पीछे का यह घिनौना सच और धोखा देखने के बाद धनंजय मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गए और गहरे अवसाद (शॉक) में चले गए।
पत्नी की डायरी में लिखे उस कड़वे सच को धनंजय का आत्मसम्मान बर्दाश्त नहीं कर सका और इसी मानसिक प्रताड़ना के कारण 25 मई को उन्होंने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद मृतक लेखपाल की मां सुनंदा कोली ने हिम्मत जुटाकर अंबाजोगाई पुलिस स्टेशन में अपनी बहू के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने डायरी को मुख्य साक्ष्य के रूप में अपने कब्जे में ले लिया है और दीपाली कोली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।