जालना: हज 2026 में यात्रियों को झटका, टिकट कन्फर्म के बाद 10,000 रुपये अतिरिक्त शुल्क पर उठे सवाल

Jalna Haj 2026 Extra Charge: हज 2026 में टिकट कन्फर्म होने के बाद प्रति यात्री 10,000 अतिरिक्त शुल्क की मांग से यात्रियों में नाराजगी। पारदर्शिता और नियमों पर सवाल खड़े हुए।
Jalna: Setback for Pilgrims Heading to Hajj 2026; Questions Raised Over Additional Fee of ₹10,000 After Ticket Confirmation
हज 2026 शुल्क विवाद,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Jalna Haj Ticket Pricing: जालना हज 2026 की तैयारियों के बीच देशभर के हजारों हज यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। टिकट कन्फर्म होने व पूरी राशि जमा करने के बाद अचानक प्रति यात्री 10,000 अतिरिक्त शुल्क की मांग ने न केवल आर्थिक बोझ बढ़ाया है, बल्कि व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

ऐसे में बाद में अतिरिक्त 10,000 की मांग करना यात्रियों के साथ अन्याय है। अतिरिक्त 10,000 शुल्क का आधिकारिक व दस्तावेजी आधार क्या है? क्या टिकटों में कोई बदलाव या नई बिलिंग हुई है? इस अतिरिक्त राशि का पूरा लागत विवरण क्या है? किस नियम या नीति के तहत कन्फर्म टिकट के बाद शुल्क बढ़ाया गया?

फंड के जांच की उठी मांग

पत्र में चेतावनी भी दी गई है कि यदि इस मुद्दे पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इसे जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों व कानूनी मंचों तक ले जाया जाएगा। साथ ही हज फंड की जांच व लेखा परीक्षण की मांग भी उठाई जाएगी।

वैश्विक संकट के चलते बढ़ाया शुल्क

हज कमेटी व सरकार का कहना है कि यह अतिरिक्त शुल्क 'डिफरेंशियल एयर फेयर' के रूप में लिया जा रहा है। इसके पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव व एविएशन फ्यूल की बढ़ती कीमतें जिम्मेदार बताई गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरलाइंस ने ईंधन महंगा होने के चलते किराया बढ़ाने की मांग की थी, जिसे सरकार ने सीमित करते हुए 100 डॉलर (करीब 10,000) प्रति यात्री तक ही रखा। हज 2026 में भारत से करीब 1.75 लाख यात्रियों के जाने का अनुमान है, ऐसे में याह अतिरिक्त बोझ कुल मिलाकर करोड़ों रुपये है।

देशभर में विरोध सड़कों पर उतरे लोग

इस फैसले के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध शुरू हो चुका है। नागपुर में मजहबी संगठनों ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रदर्शन किया और कहा कि जब हवाई किराया पहले ही तय हो चुका था, तो बाद में इसे बढ़ाना उचित नहीं है।

कई परिवारों की स्थिति ऐसी है कि कमाने वाले सदस्य पहले ही सऊदी अरब पहुंच चुके हैं व पीछे रह गए परिवार के लोगों को अचानक अतिरिक्त पैसे का इंतजाम करना पड़ रहा है।

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