जालना में धर्म परिवर्तन मामला, युवती का 9 साल शोषण, भीड़ ने फूंका आरोपी का घर
Jalna Crime News: महाराष्ट्र के जालना में रेप, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के बाद भारी हिंसा। हिंदू संगठनों के जनआक्रोश मोर्चे के दौरान उग्र भीड़ ने मुख्य आरोपी का घर जलाया।
- Written By: गोरक्ष पोफली
घर जलाने की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Jalna Protest News: महाराष्ट्र के जालना जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवती के साथ लंबे समय तक यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयासों ने पूरे इलाके में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव पैदा कर दिया है। शुक्रवार को इस घटना के विरोध में हिंदू संगठनों द्वारा निकाला गया ‘जनआक्रोश मोर्चा’ हिंसक हो गया, जिसके बाद उग्र भीड़ ने मुख्य आरोपी के घर को आग के हवाले कर दिया।
पीड़िता की आपबीती
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह शोषण कोई हालिया घटना नहीं बल्कि पिछले 9 वर्षों से चला आ रहा एक अंतहीन सिलसिला था। आरोपी ने युवती की कुछ निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल कर लिए थे, जिन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करता रहा।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे वीडियो कॉल पर अश्लील हरकतें करने के लिए मजबूर करता था और विरोध करने पर जान से मारने या समाज में बदनाम करने की धमकी देता था।
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जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़िता ने आरोपी के परिवार पर भी गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के मुताबिक, आरोपी और उसके परिजनों ने पीड़िता पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए लगातार दबाव डाला, उसे उर्दू और मराठी भाषा में अनुवादित कुरान दी गई और जबरन नमाज पढ़ने का तरीका सिखाने की कोशिश की गई। साल 2018 में आरोपी के माता-पिता और भाई ने उसे अपने वालसावंगी स्थित घर बुलाया, जहाँ कथित तौर पर उसके कपड़े बदलवाकर उसे बुर्का पहनने पर मजबूर किया गया। पीड़िता ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया ने उसे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था।
जनआक्रोश मोर्चा और हिंसा
जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, जालना के स्थानीय नागरिकों और हिंदू संगठनों में भारी रोष फैल गया। शुक्रवार को हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। इस ‘विराट जनआक्रोश मोर्चे’ में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक थी।
पूरा गांव पीड़िता को न्याय दो और आरोपियों को फांसी दो जैसे नारों से गूँज उठा। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, लेकिन प्रदर्शन के दौरान माहौल इतना उग्र हो गया कि भीड़ में से कुछ लोगों ने मुख्य आरोपी के घर पर हमला कर दिया और उसे आग लगा दी। देखते ही देखते घर जलकर खाक हो गया। दमकल विभाग और पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
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प्रशासन की स्थिति
फिलहाल गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर गश्त बढ़ा दी गई है। आगजनी की घटना की अलग से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भीड़ को किसने उकसाया।
