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आरक्षित भूखंडों पर निर्माण से खुलेंगे नए अवसर: 40% निर्माण, 60% विकास-बेड़ेकर का नया मॉडल

Reserved Land: क्रेडाई जालना के सेमिनार में इंजीनियर विद्यानंद बेड़ेकर ने बताया कि आरक्षित भूखंडों पर 40% निर्माण कर शेष 60% क्षेत्र को डेवलपमेंट के लिए उपयोग किया जा सकता है।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Jan 26, 2026 | 02:42 PM

प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )

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Transfer Development Rights: जालना महाराष्ट्र क्रेडाई के उपाध्यक्ष इंजीनियर विद्यानंद बेड़ेकर ने कहा कि आरक्षित भूखंडों जैसे विद्यालय, अस्पताल, पुस्तकालय व अन्य सार्वजनिक उपयोग पर यदि सरकारी नियमों के अनुसार 40 प्रतिशत निर्माण किया जाता है, तो शेष 60 प्रश क्षेत्र डेवलपर के लिए विकास हेतु उपलब्ध हो सकता है।

इससे आने वाले समय में आरक्षित भूमि पर भी निर्माण क्षेत्र में बड़े व्यावसायिक अवस्र पैदा होंगे। उन्होंने आरक्षित भूखंडों पर उभरते नए कारोबारी अवसरों पर रोशनी डाली।

जालना क्रेडाई की ओर से ट्रांसफर डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) विषय पर आयोजित सेमिनार में वे विचार रख रहे थे। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में विनोद यादव, अध्यक्ष, प्रैक्टिसिंग आर्किटेक्ट एंड इंजीनियर एसोसिएशन उपस्थित रहे। इंजीनियर बेड़ेकर ने टीडीआर की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया कि टीडीआर कैसे प्राप्त होता है, उसका हस्तांतरण किस प्रकार किया जाता है।

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प्लॉट खरीदकर निर्माण करना बेहद कठिन काम

इससे डेवलपर व खरीदार दोनों को क्या लाभ मिलते हैं। उन्होंने कहा कि जमीन की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण अब ‘अपना घर, अपना आंगन जैसी अवधारणा व्यवहारिक नहीं रही। प्लॉट की कीमतें 3 से 5,000 रुपए प्रति वर्ग फुट तक पहुंचने से आम नागरिक के लिए प्लॉट खरीदकर निर्माण करना बेहद कठिन हो गया है। ऐसे में बहुमंजिला इमारतों में फ्लैट आम लोगों के लिए अधिक किफायती व व्यावहारिक विकल्प बन रहे हैं।

टीडीआर जोड़ने से बढ़ता है एफएसआई

बेड़ेकर ने कहा कि सिर्फ प्लॉट पर निर्माण करने से सीमित एफएसआई मिलने के चलते अपेक्षित आय नहीं हो पाती, जबकि टीडीआर जोड़ने से एफएसआई बढ़ता है। नतीजतन, डेवलपर को बेहतर रिटर्न मिलता है व खरीदारी को भी किफायती दरों पर आवास उपलब्ध हो पाता है।

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क्रेडाई के अध्यक्ष डॉ. विदुल पवार ने कहा कि शहर के विस्तार के साथ 7-8 किमी के दायरे में जमीन की कीमतें तीन से पांच हजार रुपए प्रति वर्ग फुट तक पहुंच चुकी है। ऐसी स्थिति में आम नागरिको के लिए किफायती आवास का एकमात्र व्यवहारिका समाधान फ्लैट है व भकिय में बहमंजिला निर्माण के अलावा कोई विकल्ला शेष नहीं रहेगा।

इस अवसर पर क्रेडाई के पूर्व अध्यक्ष अभय कुलकर्णी, संजीव मुबा, शेखर जायसवाल, केदार जाधव, शरद बारगजे, अंशुल आबड व वैभव बंब प्रमुखता से उपस्थित रहे। संचालन विष्णु पाटेकर ने किया व आभार उपाध्यक्ष अविनाश भोसले ने माना।

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Published On: Jan 26, 2026 | 02:42 PM

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