Jalgaon Land Acquisition Compensation ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jalgaon Land Acquisition Compensation: जलगांव पाचोरा-जामनेर-बोदवड ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना अब पूरी तरह से ‘मुआवजे के मोड’ पर आकर रुक गई है। बोदवड तहसील में जमीन अधिग्रहण और नापी (सर्वे) को लेकर बुलाई गई तीसरी आधिकारिक बैठक भी बेनतीजा रही।
प्रशासन जहां 24-25 मार्च से पुलिस सुरक्षा के बीच सर्वे शुरू करने की चेतावनी दे रहा है, वहीं किसानों ने ‘उचित मुआवजा नहीं, तो जमीन नहीं का कड़ा रुख अपना लिया है।
अधिकारियों की चेतावनी और किसानों का ‘दो टूक’ जवाब: बैठक में रेलवे के कार्यकारी अभियंता शंभू चौधरी ने साफ किया कि यह केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है और कानून के तहत काम आगे बढ़ाया जाएगा।
इस पर बोदवड, नाडगांव, सोनोटी और सालशिंगी के किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत 4 गुना मुआवजा चाहिए।
रेल लाइन से खेत दो हिस्सों में बंट जाएंगे, इसलिए उन्हें सर्विस रोड और अंडरपास की लिखित गारंटी दी जाए, सिंचित जमीन का मूल्यांकन उसी आधार पर किया जाना चाहिए।
इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए अब जिला कलेक्टर रोहन घुगे की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक बुलाई गई है। 24 तारीख की प्रस्तावित नापी से पहले होने वाली यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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यदि इस बैठक में मुआवजे और सुविधाओं पर कोई ठोस लिखित समझौता नहीं होता, तो क्षेत्र में प्रशासन और किसानों के बीच सीधा टकराव होने की आशंका है।