Street Light Issue: दिन में जल रहीं स्ट्रीट लाइट, रात में अंधेरा; शिवाजीनगर में बिजली की बर्बादी पर हंगामा

Jalgaon Street Light Issue: जलगांव के शिवाजीनगर में स्ट्रीट लाइट प्रबंधन की बड़ी लापरवाही। दिन में जल रही लाइटें और रात में छाया अंधेरा। महापौर से अधिकारियों की लिखित शिकायत और कार्रवाई की मांग।
Streetlight Issue: Streetlights Burning During the Day, Darkness at Night; Outcry Over Electricity Wastage in Shivajinagar
दिन में जलते स्ट्रीट लाइट की प्रतीकात्मक फोटो (साेर्स: सोशल मीडिया)
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Jalgaon Electricity Waste: एक ओर जहां सरकार और प्रशासन 'बिजली बचाओ' के बड़े-बड़े विज्ञापनों और दावों पर लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं, वहीं जलगांव के शिवाजीनगर क्षेत्र में जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। यहाँ मनपा के विद्युत विभाग की लापरवाही इस कदर बढ़ गई है कि क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटें दिन के उजाले में तो जगमगा रही हैं, लेकिन सूरज ढलते ही यहाँ अंधेरा पसर जाता है। इस अव्यवस्था को लेकर अब नागरिकों का धैर्य जवाब दे चुका है।

प्रमुख बस्तियों में असुरक्षा का माहौल

अल्पसंख्यांक सेवा संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जहांगीर अहमद खान ने इस मुद्दे को लेकर महापौर के समक्ष मोर्चा खोल दिया है। शिकायत के अनुसार, शिवाजीनगर की कई घनी बस्तियां इस लापरवाही का शिकार हैं। दत्त कॉलोनी और उमर कॉलोनी, टीचर कॉलोनी, रेलवे पुल क्षेत्र, चिश्तिया कॉलोनी इन इलाकों के निवासियों का कहना है कि रात में लाइटें बंद रहने के कारण चोरी और असामाजिक तत्वों का खतरा बढ़ गया है। वहीं, दिन भर जलती रहने वाली लाइटों के कारण राजस्व की भारी हानि हो रही है।

अधिकारियों की चुप्पी और नागरिकों का रोष

इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात अधिकारियों का उदासीन रवैया है। जहांगीर अहमद खान ने आरोप लगाया है कि शिवाजीनगर लाइट विभाग के अधिकारी मेढे पिछले 10 दिनों से स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के फोन तक नहीं उठा रहे हैं।

प्रशासन के इस बर्ताव ने आग में घी डालने का काम किया है। नागरिकों का कहना है कि मनपा विद्युत विभाग के मुख्य अधिकारी मोरे को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन "ऊपर से नीचे तक" पूरी व्यवस्था केवल कागजी कार्रवाई में उलझी हुई है, धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ है।

महापौर तक पहुंचा मामला, आंदोलन की चेतावनी

समस्या के समाधान न होने पर अंततः जहांगीर अहमद खान ने महापौर दीपमाला काले को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा। इस दौरान पार्षद विजय बांदल भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी विभाग की इस कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की।

शिकायतकर्ता ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में स्ट्रीट लाइट के समय को सुधारा नहीं गया और बिजली की बर्बादी नहीं रुकी, तो शिवाजीनगर के नागरिक सड़कों पर उतरकर तीव्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल, अब देखना यह है कि महापौर की सख्ती के बाद कुंभकर्णी नींद में सोया विद्युत विभाग जागता है या नहीं।