खरीफ सीजन से पहले राहत, खाद की कमी की अफवाह पर सख्ती, पारदर्शिता पर जोर; जलगांव प्रशासन अलर्ट

Jalgaon Agriculture Supply Monitoring: जलगांव में खरीफ से पहले खाद की कोई कमी नहीं है। प्रशासन ने अफवाहों से बचने और जरूरत के अनुसार ही खरीद करने की अपील की, जमाखोरी पर सख्ती होगी।
Relief Ahead of Kharif Season: Strict Action Against Rumors of Fertilizer Shortage, Emphasis on Transparency; Jalgaon Administration on High Alert.
खाद उपलब्धता, जलगांव खरीफ सीजन( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Jalgaon kharif Season: जलगांव खरीफ सीजन से पहले खाद की किल्लत को लेकर संभावित अफवाहों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ संदेश दिया है कि जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसानों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

अनावश्यक खरीद और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी भी तेज कर दी है। जिला कलेक्टर रोहन घुगे की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कृषि निविष्ठा निगरानी समिति की बैठक में खाद आपूर्ति, भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि इस बार जिले को कृषि आयुक्तालय से मांग से अधिक खाद का कोटा मिला है, जिससे पूरे सीजन में आपूर्ति सुचारू बनी रहेगी।

बैठक में किसानों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपनी फसल की जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर खाद का उपयोग करना ही सबसे बेहतर और लाभकारी तरीका है, जिससे लागत घटती है और उत्पादन बढ़ता है।

खाद वितरण प्रणाली को पारदशों बनाने के लिए सभी अधिकृत विक्रेताओं को ई-पॉस (आधार लिंकिंग) मशीन के जरिए ही बिक्री करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी रोहन घुगे ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कहीं भी जमाखोरी, कालाबाजारी या अधिक दरों पर खाद बेचने की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार मुक्त वितरण सुनिश्चित करना प्राथमिकता

बैठक में कृषि विभाग, पुलिस प्रशासन, रेलवे, परिवहन विभाग और किसान संगठनों की आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए, ताकि खरीफ सीजन के दौरान आपूर्ति में कोई बाधा न आए, जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त वितरण सुनिश्चित करना ही प्राथमिकता है, ताकि किसानों को समय पर और बिना परेशानी के जरूरी संसाधन मिल सकें।

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