जलगांव में ग्रामीण मजदूरों को मिलेगा काम 1.20 लाख रोजगार कार्यों की योजना, फोन घुमाते ही मिलेगी मजदूरी

Jalgaon Rural Employment Plan: जलगांव में ग्रामीण मजदूरों के लिए 1.20 लाख रोजगार कार्यों का मास्टर प्लान तैयार। मनरेगा और वीबी-जी रामजी योजना के तहत 1.80 करोड़ मानव दिवस रोजगार का लक्ष्य।
Jalgaon Rural Employment Plan MGNREGA
जलगांव ग्रामीण रोजगार योजना MGNREGAसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • जलगांव जिला प्रशासन ने ग्रामीण मजदूरों के लिए 1.20 लाख रोजगार कार्यों की योजना तैयार की।

  • वीबी-जी रामजी योजना के 72 हजार प्रस्तावित कार्यों से करीब 94 लाख मानव दिवस रोजगार का अनुमान।

  • मनरेगा के अधूरे कार्यों के जरिए 86 लाख मानव दिवस रोजगार उपलब्ध कराने की योजना।

  • युक्तधारा पोर्टल पर करीब 80 हजार नए कार्य दर्ज किए गए।

  • जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर हेल्पडेस्क बनाए जाएंगे।

Jalgaon Rural Employment Plan MGNREGA: सूखे जैसी स्थिति में ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जलगांव जिला प्रशासन ने 1.20 लाख कार्यों की योजना बनाई है। प्रशासन का लक्ष्य करीब 1.80 करोड़ मानव दिवस रोजगार उपलब्ध कराने का है। इसके लिए जिला और तहसील स्तर पर हेल्पडेस्क भी बनाए जाएंगे।

जलगांव में 1.20 लाख रोजगार कार्यों का मास्टर प्लान

जलगांव, सूखे जैसी गंभीर स्थिति में ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें अपने ही क्षेत्र में आजीविका का साधन देने के लिए जलगांव जिला प्रशासन ने व्यापक योजना तैयार की है। दो प्रमुख रोजगार योजनाओं के समन्वय से कुल 1.20 लाख कार्यों के जरिए करीब 1 करोड़ 80 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि संकट के समय ग्रामीण मजदूरों को काम के लिए भटकना न पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके।

जिलाधिकारी रोहन घुगे के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना में रोजगार गारंटी, जल संरक्षण और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है। उपजिलाधिकारी (रोजगार गारंटी योजना) मंजुषा घाटगे ने इस नियोजन की जानकारी दी।

दो योजनाओं से रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी

प्रशासन की योजना के अनुसार, वीबी-जी रामजी योजना के तहत 72 हजार प्रस्तावित कार्यों से करीब 94 लाख मानव दिवस रोजगार उपलब्ध कराने का अनुमान है। वहीं, मनरेगा के अधूरे कार्यों को पूरा करने के माध्यम से करीब 86 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन की योजना बनाई गई है।

मानव दिवस का अर्थ है एक व्यक्ति को एक दिन का काम मिलना। उदाहरण के तौर पर, यदि 100 मजदूरों को 10 दिन तक काम मिलता है, तो कुल 1,000 मानव दिवस रोजगार सृजित होते हैं। इसी आधार पर प्रशासन ने संभावित रोजगार का आकलन किया है।

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युक्तधारा पोर्टल पर 80 हजार काम दर्ज

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने के लिए युक्तधारा पोर्टल पर करीब 80 हजार नए कार्य अपलोड कर दर्ज किए गए हैं। इससे भविष्य में जरूरत के अनुसार रोजगार कार्यों की योजना बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सूखे जैसी परिस्थितियों में इन उपायों से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहारा देने का प्रयास किया जाएगा।

फोन पर दर्ज करा सकेंगे रोजगार की मांग

मजदूरों को काम मांगने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए जिला मुख्यालय और सभी तहसील स्तरों पर विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किए जा रहे हैं। इनके संपर्क नंबरों का प्रचार गांवों तक किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद मजदूर फोन करके रोजगार की मांग दर्ज करा सकें।

प्रशासन के अनुसार, हेल्पडेस्क पर आने वाली फोन कॉल और रोजगार की मांग का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके आधार पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने और मजदूरों को काम उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय किया जाएगा। रोजगार गारंटी शाखा के कर्मचारी भी कार्यालयीन समय में रोजगार की मांग दर्ज करने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

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ग्रामीण मजदूरों को स्थानीय स्तर पर राहत की उम्मीद

जलगांव जिला प्रशासन की इस योजना का उद्देश्य रोजगार की मांग और उपलब्ध कार्यों के बीच समन्वय स्थापित करना है। बड़े पैमाने पर प्रस्तावित कार्यों और हेल्पडेस्क व्यवस्था के जरिए ग्रामीण मजदूरों को संकट के समय आजीविका का साधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता बढ़ने और मजदूरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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