PMAY Installment Delay: पीएम आवास की गाड़ी हुई पंचर! सीईओ नायर ने कहा- फंड दो या एक्शन लो
PMAY Installment Delay News: जलगांव में पीएम आवास योजना की धीमी रफ्तार पर जिला परिषद सीईओ करिश्मा नायर सख्त। लाभार्थियों को किस्तें न मिलने पर अधिकारियों को दी कार्रवाई की चेतावनी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
जलगांव जिला परिषद (सोर्स: सोशल मीडिया)
PM Awas Yojana Jalgaon News: जलगांव जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना की जमीनी हकीकत ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। लाभार्थियों को पिछले कई महीनों से समय पर किस्तें नहीं मिलने ( PMAY Installment Delay) के कारण हजारों घर आधे-अधूरे पड़े हैं। इस गंभीर लापरवाही पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) करिश्मा नायर ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि गरीबों के सपनों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि जल्द ही निर्माण कार्यों में तेजी नहीं आई, तो संबंधित अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
भुगतान के अभाव में घर अधूरे
समीक्षा बैठक में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत मंजूर किए गए मकानों का काम केवल फंड रिलीज न होने के कारण अटका पड़ा है। कई गरीब परिवार अपने पुराने आशियाने तोड़ चुके हैं और अब आधे-अधूरे ढांचों में रहने को मजबूर हैं। सीईओ नायर ने खंड विकास अधिकारियों (BDO) और जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा के प्रकल्प संचालक लोखंडे से इस पर जवाब-तलब किया। उन्होंने निर्देश दिए कि भुगतान की प्रक्रिया को तत्काल सरल और तेज किया जाए ताकि निर्माण कार्य फिर से शुरू हो सकें, क्योंकि मनरेगा और पीएम आवास जैसी योजनाएं सीधे तौर पर गरीबों की आजीविका से जुड़ी हैं।
कर्मचारी तबादलों पर सस्पेंस
आवास योजना के साथ-साथ बैठक में जलगांव जिला परिषद कर्मचारियों के प्रस्तावित तबादलों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मई महीने में गुट ‘क’ कर्मचारियों की ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू होनी थी, जिसके लिए वरिष्ठता सूची तैयार करने के आदेश दिए जा चुके हैं। हालांकि, आगामी राष्ट्रीय जनगणना को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर से शिक्षकों और संबंधित कर्मचारियों के तबादलों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सीईओ ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कार्यों में देरी करने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य है।
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ग्राम पंचायत स्तर पर सुस्ती
तहसील वार प्रगति की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि निचले स्तर पर यानी ग्राम पंचायतों में फाइलों की आवाजाही बहुत धीमी है। इस पर उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी भाऊसाहेब अकलाडे को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से लंबित कार्यों की निगरानी करें।
अधिकारियों से कहा गया है कि वे केवल कागजी घोड़े न दौड़ाएं, बल्कि जमीन पर जाकर यह देखें कि किस्त मिलने के बाद घर का काम क्यों रुका है। अब देखना यह होगा कि करिश्मा नायर की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद जलगांव के बेघर लोगों को उनका हक कितनी जल्दी मिल पाता है।
