जलगांव में कलेजा कंपा देने वाली घटना! मां की गोद में सो रही 2 महीने की मासूम को उठाकर ले गया जंगली जानवर
Jalgaon News: महाराष्ट्र के जलगांव से एक खौफनाक वारदात सामने आई है। चोपड़ा तहसील में रात को मां के पास सो रही दो महीने की बच्ची ध्रुवी को जंगली जानवर उठा ले गया और मार डाला।
- Written By: आकाश मसने
तेंदुआ (सोर्स: सोशल मीडिया)
Jalgaon Wild Animal Attack News: महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवता और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। चोपड़ा तहसील के मामलदे वन क्षेत्र में एक अज्ञात जंगली जानवर ने दो महीने की मासूम बच्ची को उसकी मां की गोद से छीन लिया और उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और खौफ का माहौल है।
रात के सन्नाटे में शिकार बनी मासूम
जानकारी के अनुसार, गर्मी की शुरुआत होते ही राजस्थान और गुजरात से काठियावाड़ी पशुपालक अपने हजारों मवेशियों के साथ चारागाह की तलाश में जलगांव की ओर पलायन करते हैं। ऐसा ही एक परिवार चोपड़ा तहसील के खेत परिसर में डेरा डाले हुए था। रात के समय दो महीने की मासूम ध्रुवी बरवाड अपनी मां के पास खाट पर सो रही थी। तभी अंधेरे का फायदा उठाकर एक हिंसक जंगली जानवर वहां पहुंचा और बिना किसी को भनक लगे बच्ची को उठाकर जंगल की ओर ले गया। सुबह जब बच्ची गायब मिली, तो खोजबीन के दौरान उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
इलाके में तेंदुए का आतंक?
स्थानीय ग्रामीणों और पशुपालकों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में तेंदुओं का मूवमेंट काफी बढ़ गया है। पुलिस उपविभागीय अधिकारी अण्णासाहेब घोलप ने बताया कि हाल के दिनों में इस इलाके में जंगली जानवरों के हमले में कई मवेशी भी घायल हुए हैं और कुछ की जान गई है। आशंका जताई जा रही है कि यह हमला किसी तेंदुए या किसी अन्य जंगली जानवर द्वारा किया गया हो सकता है।
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प्रशासन के प्रति बढ़ा आक्रोश
इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रवासी पशुपालकों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आदमखोर हो चुके इस जानवर को तुरंत पकड़ा जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो अन्य छोटे बच्चों और ग्रामीणों पर भी जानलेवा हमले हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वन विभाग की टीमें भी इलाके में गश्त बढ़ा रही हैं और पैरों के निशान के जरिए जानवर की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
