

Gulabrao Patil BJP Comment Front Of Girish Mahajan: महाराष्ट्र की राजनीति और महायुति गठबंधन के भीतर जारी खींचतान के बीच शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता व राज्य मंत्री गुलाबराव पाटिल का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। जलगांव जिला दुग्ध संघ के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में गुलाबराव पाटिल ने चुटकी लेते हुए कहा कि "मैं भोला-भाला नहीं हूं; अगर मैं भोला बना रहा, तो ये बीजेपी वाले मुझे खा जाएंगे।" मंच पर बीजेपी के संकटमोचक माने जाने वाले मंत्री गिरीश महाजन और विधायक मंगेश चव्हाण की मौजूदगी में दिए गए इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
दरअसल, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गुलाबराव पाटिल सहकारिता क्षेत्र और दुग्ध संघ के पूर्व व वर्तमान पदाधिकारियों के कामकाज पर टिप्पणी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुराने समय में लोग बहुत 'भोले-भाले' हुआ करते थे। इस पर मंच पर मौजूद जलगांव जिला बैंक के चेयरमैन संजय पवार ने बीच में ही टिप्पणी कर दी "आप भी तो भोले-भाले हैं।"
संजय पवार की इस टिप्पणी को अपने खास और हाजिरजवाब अंदाज में टालते हुए गुलाबराव पाटिल ने तुरंत जवाब दिया और कहा कि "मैं भोला-भाला नहीं हूं, और न ही मैं ऐसा हो सकता हूं। क्योंकि अगर मैं भोला-भाला बना रहा, तो ये बीजेपी वाले मुझे खा जाएंगे।" पाटिल के इस बयान पर पूरे सभागार में हंसी की लहर दौड़ गई और तालियां बजने लगीं।
इसके आगे पाटिल ने स्वीकार किया कि इन सहकारी संस्थाओं की नींव पुराने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रखी थी, जो सच में सीधे-सादे थे। वे कांग्रेस में रहकर भी जनता की नब्ज पहचानते थे और आत्मविश्वास से भविष्यवाणी कर देते थे कि कौन विधायक बनेगा।
गुलाबराव पाटिल ने यह बयान तब दिया जब मंच पर वरिष्ठ बीजेपी नेता और मंत्री गिरीश महाजन के साथ-साथ विधायक मंगेश चव्हाण भी मौजूद थे।
सहयोगी दल के बारे में उनकी मौजूदगी में ही ऐसी तंज भरी टिप्पणी करने से अटकलें शुरू हो गई हैं कि यह बयान जलगांव जिले की डेयरी सहकारी समिति और व्यापक सहकारी क्षेत्र के भीतर सत्ता के संघर्ष से जुड़ा है। क्या गुलाबराव पाटिल का यह बयान बीजेपी के साथ भविष्य के टकराव का संकेत है, या यह सिर्फ एक मजाकिया तंज था? राजनीतिक विश्लेषक अब इस मामले पर अपनी राय दे रहे हैं।