Eknath Khadse (फोटो क्रेडिट-X)
Eknath Khadse Police Argument: महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ सदस्य एकनाथ खडसे एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। जलगांव जिले के सावदा पुलिस थाने में उनके खिलाफ पुलिस अधिकारियों के साथ गाली-गलौज करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह विवाद गौण खनिज (Minor Minerals) की चोरी से जुड़े एक मामले में पुलिस से जवाब मांगने के दौरान शुरू हुआ, जो अब एक बड़े राजनीतिक घमासान का रूप ले चुका है।
पुलिस का दावा है कि खडसे ने न केवल मर्यादा लांघी, बल्कि थाने के भीतर पुलिसकर्मियों पर अनुचित दबाव बनाने की भी कोशिश की।
A case has been filed against NCP (SP) leader Eknath Khadse at Sawda police station, Jalgaon, for insulting a police inspector and the Home Minister, and for misbehaving with police during a minor mineral theft case pic.twitter.com/mj05SVNu5U — IANS (@ians_india) February 11, 2026
पूरा विवाद गौण खनिज की अवैध ढुलाई और चोरी के एक प्रकरण से शुरू हुआ, जिसमें पुलिस ने कुछ कार्रवाई की थी। इसी मामले में पक्ष रखने या पूछताछ करने के लिए एकनाथ खडसे अपने समर्थकों के साथ सावदा पुलिस थाने पहुँचे थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान खडसे अपना आपा खो बैठे और ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, खडसे के व्यवहार के कारण थाने के भीतर अफरा-तफरी मच गई और शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हुआ।
ये भी पढ़ें- आसान भाषा में समझें शिंदे और पवार का खेला, शिवसेना और एनसीपी के अलग गठबंधन का क्या है मतलब?
सावदा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एकनाथ खडसे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (अश्लील कृत्य और शब्द) के साथ-साथ अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस का पक्ष: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, वर्दीधारी कर्मचारियों का अपमान करने या उन्हें डराने-धमकाने का अधिकार नहीं है।
जांच की प्रक्रिया: पुलिस अब थाने के भीतर लगे CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों की जांच कर रही है ताकि आरोपों की पुष्टि की जा सके।
एकनाथ खडसे महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा नाम हैं जो अक्सर चर्चा और विवादों के केंद्र में रहते हैं। भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व राजस्व मंत्री रह चुके खडसे ने कुछ साल पहले शरद पवार की राकांपा का दामन थाम लिया था। उन पर पहले भी भ्रष्टाचार और जमीन सौदों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच चल रही है। विरोधियों का कहना है कि यह उनकी ‘पुरानी कार्यशैली’ है, जबकि समर्थकों का मानना है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। फिलहाल खडसे की ओर से इस मामले में कोई औपचारिक सफाई सामने नहीं आई है, लेकिन जलगांव जिले में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।