नंदुरबार दंगे के 28 संदिग्ध कोर्ट में पेश, इतने आरोपी एक ही समुदाय के
- Written By: अमन दुबे
नंदुरबार : पिछले दिनों नंदुरबार शहर (Nandurbar City) में हुए पत्थरबाजी (Stone Pelting) के मामले में 28 संदिग्धों पर दंगा भड़काने का आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार (Arrested) कर लिया गया है। संदिग्ध आरोपियों (Accused) को कोर्ट में पेशी के समय देखा गया कि शहर के जुना बैल बाजार में हुई इस घटना में पकड़े गए 28 आरोपियों में से 22 को नंदुरबार न्यायालय में पेश किया गया है। आरोपी पक्ष की ओर से एडवोकेट अजहर पठान और एडवोकेट परवेज कागजी ने युक्तिवाद करते हुए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। एडवोकेट कागजी ने 8 आरोपियों का बचाव करते हुए न्यायालय से कहा कि यह सभी आरोपी एक ही परिवार के हैं, उन्होंने इससे पहले एक केस में पुलिस के अत्याचार के विरुद्ध उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ में याचिका दाखिल की हुई है। इसी का बदला निकालते हुए पुलिस ने इन सभी को इस मामले में फंसाया है। उन्हें आधी रात को घर में घुसकर निकाला गया और उन्हें मारा पीटा गया है।
घटना पर आंख मूंदकर पुलिस मासूमों को प्रताड़ित कर रही है। अदालत ने इस पर संज्ञान लिया और 8 आरोपियों से पूछताछ की, उन सभी ने अदालत के सामने पुलिस द्वारा पीटे जाने के निशान दिखाए और शिकायत दर्ज की और पुलिस को उनका फिर से मेडिकल परीक्षण कराने का आदेश दिया। एडवोकेट कागजी ने कहा कि पुलिस शिकायत में कहा गया है कि दो गुटों में पथराव के बाद शराब की कांच की बोतलें फेंकी गईं। सभी मीडिया ने भी अपनी खबरों में ऐसा ही कहा है।
पुलिस की भूमिका पर संदेह
लेकिन एफआयआर में लगभग 150 में से 59 अभियुक्तों में से 28 को गिरफ्तार किया गया, इन में एक ही समुदाय के 27 और दूसरे समूह से केवल 3 अभियुक्त हैं जिनमें से 2 फरार हैं। ऐसे में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया जा रहा है।
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आरोपियों को 9 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश
एडवोकेट अजहर पठान ने कहा कि एफआयआर में जिस घटना का उल्लेख किया गया है, वह दंगा लगभग 7 महीने पहले हुआ था। इलाके में अवैध जुए के अड्डे पर लड़ाई एक दंगे में बदल गई थी, पुलिस सच्ची घटना को छिपाने की कोशिश कर रही है और दोषियों को बचा रही है। अदालत ने आरोपी पक्ष के दोनों वकीलों की दलीलें सुनने के बाद बाकी आरोपियों को 9 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट के सामने आरोपियों के वकीलों की दलीलों के बाद क्या पुलिस की जांच सही दिशा में जाएगी? यह शहर में एक गर्म विषय है जिस पर सबकी निगाहें हैं।
