

Operation Tiger Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति में ऑपरेशन टाइगर की गूंज के बीच एक नया और रोमांचक मोड़ आ गया है। उद्धव ठाकरे गुट के बागी माने जा रहे सांसदों में शामिल नागेश पाटिल अष्टिकर ने एक विशेष वीडियो जारी कर अपनी चुप्पी तोड़ी है। अष्टिकर ने बड़े ही विश्वास के साथ कहा है कि वे कहीं नहीं गए हैं और शिवसेना में ही रहेंगे। हालांकि, इस बयान ने स्पष्टता देने के बजाय राजनीतिक हलकों में सस्पेंस और बढ़ा दिया है क्योंकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वे ठाकरे की शिवसेना की बात कर रहे हैं या शिंदे की शिवसेना की।
अपने वीडियो संदेश में सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर ने भावुक होते हुए कहा, मैं कहीं नहीं गया हूं। मैं शिवसेना में था और शिवसेना में ही हूं। मैंने अपनी विचारधारा कभी नहीं छोड़ी है और न ही भविष्य में छोडूंगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे उनकी चिंता न करें, क्योंकि वे अपनी विचारधारा पर अडिग हैं।
अष्टिकर का यह कहना कि 'वे शिवसेना में ही हैं', कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कहीं वे भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस तर्क को तो नहीं मान रहे, जिसमें कहा गया था कि असली शिवसेना केवल एक ही है और वह शिंदे की शिवसेना है। यदि अष्टिकर इसी लाइन पर चल रहे हैं, तो उनका शिवसेना में रहने का दावा सीधे तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को स्वीकार करने की ओर इशारा करता है। बिना नाम लिए दिया गया यह बयान 'ऑपरेशन टाइगर' की सफलता की ओर एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
बगावत की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं से सांसद अष्टिकर आहत नजर आए। उन्होंने हाथ जोड़कर विनती करते हुए कहा कि लोग गुस्से में 'असंविधानिक भाषा' का प्रयोग न करें। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, एक बार इंसान का मन टूट जाए तो वह आसानी से नहीं जुड़ता। शब्द शस्त्रों से भी अधिक शक्तिशाली होते हैं। एक बार मुंह से निकली बात वापस नहीं ली जा सकती।
सांसद अष्टिकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उद्धव गुट के कई सांसदों के पाला बदलने की अटकलें तेज हैं। उनका यह 'रहस्यमयी' रुख कि वे शिवसेना में ही रहेंगे, महाराष्ट्र की सत्ता की शतरंज पर अगली चाल का बेसब्री से इंतजार करवा रहा है। फिलहाल, ऑपरेशन टाइगर के इस रोमांचक खेल में पाटिल का यह वीडियो आग में घी डालने का काम कर रहा है।