आषाढ़ी एकादशी से पहले FDA की चेतावनी, दुकानदार सिर्फ पैकबंद भगर ही बेचें, हिंगोली में FDA की सख्ती
FDA Bhagar Guidelines: आषाढ़ी एकादशी से पहले हिंगोली और परभणी में अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने दुकानदारों को केवल पैकबंद भगर बेचने के निर्देश दिए हैं।
पैकबंद भगर-फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Hingoli Ashadhi Ekadashi: आषाढ़ी एकादशी के मद्देनजर उपवास के लिए इस्तेमाल होने वाली भगर की बढ़ती मांग को देखते हुए अन्न व औषधि प्रशासन एफडीए ने नागरिकों और विक्रेताओं के लिए सावधानी बरतने की अपील जारी की है। बाजार में खराब गुणवत्ता वाली भगर या अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
साथ ही व्यापारियों को केवल पैकबंद भगर बेचने के निर्देश दिए गए हैं। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपवास रखते हैं और भगर का सेवन करते हैं। भगर खरीदते समय उचित सावधानी नहीं बरतने पर स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है।
फफूंद लगी भगर से हो सकती है फूड पॉइजनिंग
इसी को देखते हुए हिंगोली और परभणी जिलों में एफडीए की टीम द्वारा दुकानों में भगर की जांच शुरू की गई है। सहायक आयुक्त पवन खताळ के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी तुषार घोपे और राजश्री सावंत की टीम बाजारों में भगर की गुणवत्ता और बिक्री प्रक्रिया की जांच कर रही है। फफूंद लगी भगर से खाद्य विषबाधा का खतराभगर तैयार करने में मोटे अनाज मिलेट्स का उपयोग किया जाता है।
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FDA ने जारी किया अलर्ट
इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन के साथ कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। मधुमेह रोगियों के लिए भी भगर को उपयोगी आहार माना जाता है। हालांकि, नमी के कारण भगर में फफूंद लग सकती है। इससे उसमें विषैले तत्व तैयार हो जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। एफडीए के अनुसार, 25 से 31 डिग्री सेल्सियस तापमान और अधिक नमी फफूंद के विकास के लिए अनुकूल होती है। ऐसी भगर खाने से खाद्य विषबाधा होने की संभावना रहती है।
