खाकी पर दाग! मुंबई में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी की घिनौनी हरकत, विपक्ष ने की बर्खास्तगी की मांग

Mumbai Police Video Row: दादर में प्रदर्शन के दौरान युवती से पुलिसकर्मी की बदसलूकी का वीडियो वायरल। रोहित पवार और वर्षा गायकवाड़ ने बर्खास्तगी की मांग की।
Mumbai Police Protest Woman Molestation Viral Video
महिला के साथ बर्बरता करता कथित मुंबई पुलिसकर्मी (फोटो क्रेडिट-X)
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Mumbai Police Protest Woman Molestation Viral Video: देश की राजधानी दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई तक छात्रों और युवाओं द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच मुंबई पुलिस की कार्यशैली पर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुंबई के दादर इलाके में आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा युवा महिला प्रदर्शनकारी को अनुचित तरीके से पकड़ने, खींचने और शारीरिक अभद्रता (छेड़छाड़) करने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारी आक्रोश फैल गया है। वीडियो में कथित पुलिसकर्मी महिला प्रदर्शनकारी के छाती को पकड़े हुए नजर आ रहा है।

इस घटना को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने आक्रामक रुख अपनाते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को तुरंत निलंबित व बर्खास्त करने और उसके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत छेड़छाड़ का आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

बेटी की उम्र की लड़की के साथ ऐसी घिनौनी हरकत!

वायरल वीडियो को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हुए एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने अत्यंत कड़े शब्दों में अपनी नाराजगी जताई। रोहित पवार ने लिखा, "यह वीडियो देखकर मेरा सिर शर्म से झुक गया है। अपनी बेटी की उम्र की एक मासूम बच्ची के साथ इस तरह का घिनौना कृत्य करने वाला यह व्यक्ति कौन है? अगर यह एक पुलिस अधिकारी है, तो इसे महज निलंबित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि तुरंत पुलिस बल से बर्खास्त कर इसके खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज कर जेल भेजा जाना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र पुलिस का अपना एक गौरवशाली और प्रतिष्ठित इतिहास रहा है, लेकिन इस तरह की हरकतें पूरी खाकी वर्दी की गरिमा पर एक बदनुमा दाग और कलंक हैं।

वर्षा गायकवाड़ और आव्हाड ने उठाए पुलिस प्रशासन पर सवाल

मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भी दादर में हुए आंदोलन के दौरान महिला प्रदर्शनकारी के साथ हुई मारपीट और अभद्रता का वीडियो साझा करते हुए मुंबई पुलिस आयुक्त और गृह मंत्रालय की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाओं और युवतियों के साथ पुलिस को ऐसा हिंसक और अशोभनीय व्यवहार करने की इजाजत कानून देता है?

वहीं एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने भी सोशल मीडिया के जरिए इस घटना को उजागर करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस आंदोलनों को दबाने के लिए क्रूरता और असंवैधानिक हथकंडों की सीमाएं पार कर रही है।

महाराष्ट्र पुलिस बल की छवि पर उठे सवाल, कार्रवाई पर टिकीं नजरें

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से नीट परीक्षा विवाद समेत विभिन्न छात्र मुद्दों को लेकर मुंबई के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर दिल्ली और मुंबई दोनों शहरों से महिला प्रदर्शनकारियों को जबरन घसीटने और पुलिसिया बल प्रयोग की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

इस नए वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद से नागरिक समाज, महिला अधिकार संगठनों और राजनीतिक हलकों में भारी हलचल है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुंबई पुलिस प्रशासन और महाराष्ट्र का गृह विभाग संबंधित दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ क्या कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई करता है।

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