चुलबंध नदी की लेंगे सुध, ‘आइए जानें इस नदी को’ में जनभागीदारी बढ़ाने जिलाधीश का आह्वान
- Written By: नवभारत डेस्क
File Photo
गोंदिया. ‘आइए जानें इस नदी को’ इस अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है. नदी के किनारे बसे लोगों को इस अभियान में भाग लेने का आव्हान जिलाधीश चिन्मय गोतमारे ने जिला स्तरीय समिति की बैठक में किया.
बैठक में इस अभियान की समीक्षा की गई. इसमें सहायक वन संरक्षक प्रदीप पाटिल, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी हिंदूराव चव्हाण, जिला जल संधारण अधिकारी अनंत जगताप, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोविंद खामकर, सत्यजीत राउत, शिक्षा अधिकारी कादर शेख, नदी समन्वयक दिलीप पंधरे, मुकुंद धुर्वे सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे. गोंदिया जिले की चुलबंद नदी को आइए जानें इस नदी को अभियान में शामिल किया गया है.
चुलबंद नदी का स्रोत गोरेगांव तहसील में जांभडी वन क्षेत्र में है. सड़क अर्जुनी तहसील में 28 और गोरेगांव तहसील में 6 ऐसे कुल 34 गांव नदी के किनारे हैं. चुलबंद नदी सड़क अर्जुनी तहसील से होकर गुजरती है और आगे भंडारा जिले में प्रवेश करती है. चुलबंद नदी की लंबाई लगभग 18 से 20 किमी. गोंदिया जिले में पड़ती है. नदी की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को तत्काल प्रस्तुत करने के संबंध में जिलाधीश ने नियुक्त विभाग को निर्देश दिया कि वे अपने विभाग की जानकारी समिति को तत्काल प्रस्तुत करें.
सम्बंधित ख़बरें
IPL 2026 के आखिरी लीग मैच में दिल्ली कैपिटल्स की जीत, ईडन गार्डन्स में KKR को 40 रनों से दी करारी शिकस्त
UP के 19 बाहुबलियों पर चला हाईकोर्ट का हंटर! शस्त्र लाइसेंस पर योगी सरकार से मांगा जवाब- VIDEO
Gold-Silver Outlook: क्या इस हफ्ते सस्ता होगा सोना-चांदी…या रिकॉर्ड हाई पर चढ़ेगा भाव? जानें एक्सपर्ट की राय
I Love Modi…ट्रंप ने दिल्ली में मार्को रुबियो को किया वीडियो कॉल, खुद को बताया PM मोदी का बड़ा फैन
वर्षा और जलस्रोतों का होगा अध्ययन
पिछले दस वर्षों की वर्षा, वन क्षेत्र में गांव, नदी प्रदूषण की पिछले तीन वर्षों की रिपोर्ट, रिसने वाले तालाबों के नाम, कुल कृषि योग्य क्षेत्र, बाढ़ प्रवण क्षेत्रों के गांव, जिले में मत्स्य पालन, जलग्रहण क्षेत्र वार भूजल रिपोर्ट, नदियों के नक्शे, जिले के पर्यटन व धार्मिक स्थल, मल निस्सारण की जानकारी, जलसंतुलन, लवणीय व मीठे पानी की समस्या वाले गांवों तथा चुलबंद नदी तल व नदी से सटे क्षेत्रों में अतिक्रमण की जानकारी संबंधितों को उपलब्ध कराएं. इस जानकारी के आधार पर नदी की समस्याओं और कठिनाइयों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
समस्याएं समझने समूह का गठन
जिलाधीश ने कहा कि नदी संवाद यात्रा का भी आयोजन किया जाएगा. 14 अक्टूबर 2022 के शासनादेश में जिला नियोजन समिति की धनराशि से इसके लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है. एक नदी अध्ययन समूह, एक नदी समस्या विश्लेषण समूह, एक नदी निदान समूह, एक नदी उपचार समूह, नदी क्षेत्र के स्कूलों और कॉलेजों के विशेषज्ञों का एक समूह और एक सार्वजनिक शिक्षा समूह चुलबंद नदी और इसकी समस्याओं का सुझाव देने के लिए गठित किया गया है. उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यक हो इस समूह के संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जाए.
