

Gondia Water Storage: गोंदिया पिछले साल मानसून के दौरान जिले में औसत से ज्यादा बारिश हुई थी। इसके चलते जिले के सभी बांधों में भरपूर पानी का संग्रह हुआ था। रबी की फसलों की सिंचाई के लिए अलग-अलग प्रकल्पों से पानी छोड़ा गया था। इसलिए 30 मई शनिवार तक जिले के मध्यम प्रकल्पों में सिर्फ 22.67 प्रश जल संग्रह बचा है। अगर जून के पखवाड़े में बारिश ने उपस्थिति नहीं दिखाई तो जिले में पानी की कमी का संकट उत्पन्न होने की संभावना है।
ग्रामीण इलाकों में जानवरों को भी पानी की कमी का सामना करना पड़ेगा। गोंदिया जिले के सभी आठ तहसीलों में इस साल मानसून के दौरान भारी बारिश हुई। जून से सितंबर तक औसत से ज्यादा बारिश हुई। जिससे जिले में पानी का जलस्तर बढ़ गया था। इस वजह से जिले के लघु सिंचाई विभाग के सभी लघु, मध्यम और छोटे तालाबों में जल का संग्रह हो गया था।
इन प्रकल्पों से खरीफ और रबी की फसलों की सिंचाई के बाद, तीनों तरह के प्रकल्पों की मौजूदा हालत बहुत खराब है। पानी का संग्रह बहुत कम बचा है। इस वजह से लोगों और जानवरों को तेज धूप में पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
मामा तालाब जलस्तर कम होने से वे सूख गए हैं। मध्यम प्रकल्प के साथ ही गांव के तालाब भी सूख गए हैं। जिले की नदियां और नहरें सूख चूकी हैं, और पानी ढूंढ़ने पर भी मिलना नामुमकिन हो गया है। इस वजह से ग्रामीणों को अपने जानवरों को नदियों से नहीं, बल्कि घर लाकर पानी पिलाना पड़ रहा है।
गर्मी का जोर बढ़ गया है। पारा दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। इस वजह से प्रकल्पों में जल संग्रह कम हो गया है। हालांकि, उम्मीद है कि बारिश आने तक जल संग्रह काफी रहेगा। अभी 22.67 प्रश। जल संग्रह शेष है।
- गोंदिया, सिंचाई विभाग, अधीक्षक अभियंता, राजू कुरेकार
| क्रमांक | प्रकल्प | जल संग्रह (%) |
|---|---|---|
| 1 | बोदलकसा | 27.66 |
| 2 | चौरखमारा | 14.07 |
| 3 | चुलबंध | 38.63 |
| 4 | खैरबंधा | 16.33 |
| 5 | रेंगेपार | 25.67 |
| 6 | संग्रामपुर | 5.87 |
| 7 | कटंगी | 20.11 |
| 8 | कलपावरी | 11.98 |