देवरी नपं के सफाई कर्मियों ने किया काम बंद
- Written By: नवभारत डेस्क
देवरी. पिछले अनेक वर्षो से शहर की सफाई का ध्यान रखने वाले देवरी नपं के सफाई कर्मियों पर आज भूखे मरने की नौबत आ गई है. इन कर्मियों ने कोरोना महामारी के दौरान भी किसी भी तरह की परवाह किए बगैर दिन रात सफाई का कार्य किया था. ऐसे कर्मचारियों को ठेका रद्द होने के नाम पर बिना कोई लिखित सूचना दिए फोन पर काम पर नहीं आने की सूचना दी गई.
जिससे ऐन दिवाली त्यौहार पर इन कर्मियों पर भूखे मरने की नौबत आ गई है. जानकारी के अनुसार इन कर्मचारियों ने 18 अक्टुबर को देवरी नपं के मुख्याधिकारी, उपविभागीय अधिकारी तथा देवरी पुलिस स्टेशन में पत्र देकर उन पर हो रहे अन्याय की जानकारी दी थी व कुछ मांगों से संबंधित सुझाव भी दिए थे.
जिनमें नपं में अनेक वर्षो से कार्यरत स्वच्छता कर्मचारियों की शासन द्वारा निर्देशित राशि उनके बैंक खाते में जमा करने, सफाई कर्मचारियों को प्रति दिन आत्मरक्षा के लिए सुरक्षा कीट देने, स्वच्छता कर्मचारियों के पीएफ की राशि उनके बैंक खाते में जमा करने, पर्यवेक्षक कानेकर को उनके पद से हटाने, स्वच्छता कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने, पूर्व पार्षद सफाई कर्मियों पर दबाव न डालने, अब तक स्वच्छता कर्मचारियों से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर लेकर प्रति माह दिए जाने वाले वेतन की जांच करने आदि मांगों का समावेश है. इन शिकायतों पर एक सप्ताह बीत जाने पर भी किसी प्रकार की जांच नहीं की गई. शहर के देवदुत कहलाने वाले इन स्वच्छता कर्मचारियों का कोरोना संकट काल में अनेक सामाजिक संस्था व जनप्रतिनिधियों ने सत्कार किया है.
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लेकिन आज नपं मुख्याधिकारी द्वारा तथा संबंधित ठेकेदार के माध्यम से बिना किसी लिखित सूचना के काम से हटा दिया गया है. जिससे सभी 52 सफाई कर्मियों पर भूखे मरने की नौबत आ गई है. इस संदर्भ में सफाई कर्मियों ने मुख्याधिकारी से चर्चा करने का प्रयास किया लेकिन मुख्याधिकारी ने टालमटौल का रवैया अपनाते हुए ठेकेदार का ठेका रद्द होने की बात बताई व सभी 52 सफाई कर्मियों को 18 अक्टूबर की शाम 7 बजे नपं में बुलाया गया था लेकिन स्वयं मुख्याधिकारी उपस्थित नहीं थे.
इस दौरान उनसे पुन: फोन पर संपर्क किया गया. उस वक्त भी उन्होंने यही कहा कि ठेका रद्द हो गया है आप लोगों को काम पर आने की आवश्यकता नहीं है. इन सभी स्त्री-पुरूषों पर हुए अन्याय का विरोध करते हुए सभी पार्टियों ने सफाई कर्मियों के समर्थन में अपनी राय व्यक्त की. साथ ही इन कर्मियों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन भी दिया.
आगामी 2 दिनों में यदि इन सफाई कर्मियों को पुन: वापस काम में नहीं लिया गया तो अनशन करने की चेतावनी भी इन राजनीतिक संगठनों की ओर से दी गई. इन सफाई कर्मियों पर नपं मुख्याधिकारी तथा जिलाधीश की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है इस पर सभी की नजरें लगी हुई है.
