गोंदिया में 6 महीने से शिवभोजन केंद्र संचालकों का अनुदान अटका, उधारी के बोझ तले बंद होने की कगार पर योजना

Gondia Shiv Bhojan Yojana: गोंदिया में पिछले 6 महीनों से शासन से अनुदान न मिलने के कारण 53 शिवभोजन केंद्रों के संचालक भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। पहली बार नहीं है जब अनुदान में देरी हुई हो।
Gondia Shiv Bhojan Center Crisis
शिवभोजन केंद्र में खाना खा रहे लोगप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Gondia Shiv Bhojan Center Crisis: गोंदिया जिले में गरीब और जरूरतमंदों को महज 10 रुपए में भोजन उपलब्ध कराने वाली शिवभोजन योजना के केंद्र संचालक ही अब आर्थिक संकट में फंस गए हैं। शासन से अनुदान नहीं मिलने के कारण जिले के 53 शिवभोजन केंद्र पिछले छह माह से उधारी पर चल रहे हैं।

अनुदान के अभाव में केंद्र संचालकों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है, जबकि कई संचालकों के सामने केंद्र बंद करने की नौबत आ गई है। गोंदिया जिले में वर्तमान में 53 शिवभोजन केंद्र संचालित हैं। इनके माध्यम से प्रतिदिन करीब 5 हजार 300 थालियां जरूरतमंद नागरिकों को उपलब्ध कराई जाती हैं।

लाभार्थी से एक थाली के लिए केवल 10 रुपए लिए जाते हैं। इसके बदले शहरी क्षेत्र में प्रति थाली 40 रुपए तथा ग्रामीण क्षेत्र में 25 रुपए का अनुदान शासन की ओर से केंद्र संचालकों को दिया जाता है। इन केंद्रों का मासिक अनुदान करीब 45 लाख रुपए बैठता है। शासन के नियमानुसार - अनुदान 15 दिनों के भीतर दिए जाने की - व्यवस्था है। इसके बावजूद अप्रैल से अब तक अनुदान लंबित है।

केंद्र संचालक का कहना है की

शिवभोजन केंद्र संचालकों का - कहना है कि प्रतिदिन 100 से 200 थालियों की व्यवस्था करने के लिए हजारों रुपए खर्च होते हैं। अनुदान नहीं मिलने के कारण किराना, सब्जी, गैस सहित अन्य खर्चों के लिए उधारी करनी पड़ रही है।

जिला प्रशासन द्वारा मार्च 2026 तक का अनुदान वितरित किया गया था। इसके बाद अप्रैल से केंद्र संचालकों को अनुदान नहीं मिला। यह पहली बार नहीं है जब अनुदान में देरी हुई हो। इससे पहले भी कई बार तीन-तीन महीने तक अनुदान अटक चुका है। लगातार आर्थिक संकट के चलते कुछ शिवभोजन केंद्र बंद भी हो चुके हैं।

माया शिवणकर बोले केंद्र चलाना हो गया मुश्किल

शिवभोजन केंद्र चलाना हो गया मुश्किल 16 मार्च से योजना का पैसा नहीं मिला है। लाभार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए हमें अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे है। छह महीने से अनुदान नहीं मिलने के कारण केंद्र चलाना मुश्किल हो गया है। शासन को गरीबों का पेट भरने वाले केंद्र संचालकों की समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।

- माया शिवणकर, शिवभोजन केंद्र संचालक

पिछले छह महीने से शिवभोजन केंद्र का अनुदान नहीं मिला है। मजबूरी में उधारी लेकर केंद्र चलाना पड़ रहा है। शासन बार-बार अनुदान रोक देता है, जिससे संचालकों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है। समय पर अनुदान नहीं मिलने के कारण कुछ लोगों ने केंद्र बंद कर दिए हैं। भोजन उपलब्ध कराने वाले संचालकों का अनुदान तत्काल दिया जाना चाहिए।

सौरभ रोकड़े, संचालक, शिवभोजन केंद्र, गोंदिया

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मार्च तक का अनुदान वितरित किया जा चुका है। अप्रैल से अब तक का अनुदान शासन स्तर से प्राप्त नहीं हुआ था। 16 मार्च 2026 से जून के अंत तक का अनुदान देने के लिए जिला प्रशासन ने 1 करोड़ 45 लाख 52 हजार 145 रुपए की मांग की थी। शासन से जिले को 1 करोड़ 28 लाख रुपए प्राप्त हुए है। यह राशि एक सप्ताह के भीतर शिवभोजन केंद्र संचालकों के खातों में जमा कराने की दिशा में प्रशासन प्रयासरत है।

प्रकाश पाटील, जिला आपूर्ति अधिकारी, गोंदिया

गोंदिया में हर माह करीब 40-45 लाख रुपए की जरूरत

गोंदिया जिले में शिवभोजन केंद्रों के माध्यम से रोजाना करीब 5,175 से 5,300 थालियां जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जाती हैं। एक थाली में दाल, चावल, सब्जी और दो रोटियां दी जाती हैं। केंद्रों के संचालन के लिए हर महीने करीब 40 से 45 लाख रुपए के अनुदान की आवश्यकता होती है।

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