

Gondia Monsoon Update: महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात बन रहे हैं, वहीं गोंदिया जिले पर इस बार वरुण देव मेहरबान नजर आ रहे हैं। जिले में अब तक सामान्य बारिश की 93 प्रश. वर्षा दर्ज की गई है. औसत के प्रश के लिहाज से गोंदिया राज्य में अव्वल है। अच्छी बारिश से किसान और आम नागरिक राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन पिछले पखवाड़े से लगातार बने बादल और नमी के कारण धान की फसल पर कीट व रोगों का खतरा बढ़ गया है।
मानसून सीजन में 15 सितंबर तक जिले में 1036.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है। जिले की सामान्य औसत बारिश 1114.3 मिमी है। इस तरह अब तक 93 प्रश. बारिश हो चुकी है। इसकी तुलना में पूरे नागपुर संभाग में अब तक 729.7 मिमी यानी 74.5 प्रश. बारिश दर्ज हुई है। अगस्त के अंत तक जिले में बारिश की कुछ कमी थी, लेकिन सितंबर में बारिश ने जोरदार वापसी की।
सितंबर की सामान्य औसत 92.7 मिमी के मुकाबले अब तक 114 मिमी यानी 123 प्रश. बारिश दर्ज हो चुकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 1054.2 मिमी यानी 94.6 प्रश. बारिश हुई थी। तहसील अनुसार गोरेगांव में सर्वाधिक 1122.4 मिमी (120.1 प्रश.) बारिश दर्ज हुई है। सितंबर में यहां 149.1 प्रश. बारिश हुई। सालेकसा में 1132.1 मिमी (106.3 प्रश.), सड़क अर्जुनी में 1118.8 मिमी (92.9 प्रश.), देवरी में 1064.4 मिमी (90.4 प्रश.), गोंदिया में 987 मिमी (89.5 प्रश.) तथा अर्जुनी मोरगांव में 1032.3 मिमी (85.5 प्रश.) बारिश दर्ज हुई।
आमगांव में 1061.4 मिमी (80.5%) बारिश हुई है. सितंबर में यहां केवल 54.6 मिमी (58.4 प्रश.) बारिश हुई। वहीं तिरोड़ा में 849.3 मिमी (80.5 प्रश.) बारिश दर्ज हुई है। जून से अगस्त तक की कमी की काफी हद तक भरपाई सितंबर में हुई 168.3 मिमी (198.3 प्रश.) बारिश से हुई है।
इस वर्ष राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार केवल 7 जिले ही संतोषजनक बारिश वाले ग्रीन जोन में हैं। इनमें धुले, जलगांव, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, भंडारा, गोंदिया और बुलढाणा शामिल हैं। इनमें गोंदिया बारिश के प्रश के लिहाज से सबसे आगे है।
गोंदिया जिले में खरीफ सीजन में धान का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। लगातार बारिश और बादल छाए रहने से फसल की वृद्धि तो अच्छी हुई है, लेकिन अब कीट व रोगों का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल धान फसल बालियां निकलने के महत्वपूर्ण चरण में है। अनुकूल बारिश से उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन, लगातार बादल और नमी के कारण धान पर तुडतुड़ा, गादमाशी और करपा रोग का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। कृषि विभाग ने किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने और कीट-रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल आवश्यक उपाय करने की सलाह दी है।