शालार्थ आईडी घोटाले पर मचा घमासान; शिक्षक संगठनों ने की श्वेतपत्र जारी करने की मांग, सरकार पर संरक्षण का आरोप
Shalarth ID Scam: शालार्थ आईडी घोटाले और फर्जी शासन पत्रों के जरिए सरकारी निधि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए शिक्षक संगठनों ने राज्य सरकार से तत्काल श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है।
- Written By: केतकी मोडक
शालार्थ आईडी घोटाला प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Maharashtra Education Department Shalarth ID Scam: राज्य में चर्चित शालार्थ आईडी घोटाले तथा स्कूल शिक्षा व खेल विभाग के नाम से तैयार किए गए कथित फर्जी शासन पत्रों के माध्यम से शिक्षक नियुक्ति, मान्यता और वेतन से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में राज्य सरकार से तत्काल श्वेतपत्र जारी करने की मांग उठी है। यह मांग मुंबई शिक्षक लोकतांत्रिक आघाड़ी गोंदिया जिला तथा शिक्षक सहकार विभागीय संगठन ने की है।
संगठनों का कहना है कि विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा मामले की जांच जारी होने की जानकारी समय-समय पर दी जाती रही है, लेकिन अनेक प्रकरण अब भी लंबित हैं। ऐसे में सरकार की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट न होने से शिक्षकों, शिक्षण संस्थाओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों में भ्रम तथा संदेह का वातावरण बना हुआ है।
निधि के दुरुपयोग की आशंका
संगठनों ने आरोप लगाया कि कथित शालार्थ आईडी घोटाले और फर्जी शासन पत्रों के माध्यम से सरकारी वेतन निधि के दुरुपयोग की आशंका है। इसके बावजूद अब तक जांच की वर्तमान स्थिति, दोषियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई, सरकार को हुए आर्थिक नुकसान तथा उसकी वसूली के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
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ज्ञापन में कहा गया है कि किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े संस्थानों या प्रभावशाली व्यक्तियों को संरक्षण दिए जाने जैसी आशंकाओं को दूर करने के लिए सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए। संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल शिक्षा व खेल विभाग के नाम से तैयार किए गए कथित फर्जी शासन पत्रों के आधार पर कुछ निजी संस्थाओं ने विभिन्न विद्यालयों में शिक्षक नियुक्तियों को मान्यता दिलाकर सरकारी वेतन निधि का दुरुपयोग किया। इस संबंध में संबंधित विभागों और गृह विभाग को कई शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की गई है।
संगठनों ने मांग की है कि महाराष्ट्र सरकार श्वेतपत्र के माध्यम से शालार्थ आईडी घोटाले और कथित फर्जी शासन पत्रों से जुड़े कुल मामलों की संख्या, लंबित मामलों का विवरण, दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों, संस्थाओं व अन्य संबंधित व्यक्तियों पर की गई कार्रवाई, सरकार को हुए आर्थिक नुकसान और उसकी वसूली की जानकारी सार्वजनिक करे। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए उपायों की भी घोषणा करे।
दोषियों पर कार्रवाई करें
मुंबई शिक्षक लोकतांत्रिक आघाड़ी गोंदिया जिला अध्यक्ष शिवकुमार हत्तीमारे तथा शिक्षक सहकार संगठन के विभागीय अध्यक्ष रवींद्र अंबुले ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए सरकार इस पूरे मामले पर अपनी स्पष्ट नीति घोषित करे तथा दोषियों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कड़ी कानूनी कार्रवाई करे।
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शासन पर टिकी नजरें
शिक्षक संगठनों की इस मांग के बाद शालार्थ आईडी घोटाला और कथित फर्जी शासन पत्र का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब राज्य सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है, इस पर शिक्षा जगत सहित पूरे राज्य की नजरें लगी हुई हैं।
