Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • बुध, 8 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

गोंदिया: डिजिटल इंडिया के दौर में 20 गांव नेटवर्क विहीन, जर्जर सड़कें और पेयजल संकट से जूझ रहे आदिवासी ग्रामीण

गोंदिया जिले की सालेकसा तहसील में 20 गांवों में मोबाइल नेटवर्क, सड़क, बिजली और पानी की कमी है। नागरिक विकास की राह देख रहे हैं।

  • Author By Md. Salam | published By रूपम सिंह |
Updated On: Mar 24, 2026 | 08:02 PM
Follow Us
Follow Us:

Gondia Tribal Area News: महाराष्ट्र के गोंदिया जिला की सालेकसा तहसील आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। आदिवासी बहुल और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में विकास की गति बेहद धीमी नजर आ रही है। ग्रामीणों को आज भी सड़क, बिजली, पेयजल और संचार जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

डोंगरगढ़ रोड के आगे स्थित टोयागोंदी, जमाकुडो और दर्रेकसा जैसे गांवों में पक्की सड़कों का अभाव है। गांवों को जोड़ने वाले रास्ते जर्जर स्थिति में हैं, जो विशेषकर बारिश के मौसम में जोखिम भरे हो जाते हैं। डोंगरगढ़ घाट के आगे लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में बसे इन गांवों के नागरिक खुद को अब भी पिछड़े दौर में जीने को मजबूर मानते हैं।

क्षेत्र में न तो समुचित सड़कें हैं, न ही नालियों की व्यवस्था, बिजली आपूर्ति भी अनियमित है और पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। संचार क्रांति के दौर में भी यहां के करीब 20 गांवों और बस्तियों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोगों को मोबाइल उपयोग के लिए पड़ोसी छत्तीसगढ़ के नेटवर्क पर निर्भर रहना पड़ता है।

सम्बंधित ख़बरें

छत्रपति संभाजीनगर की रमाई आवास योजना पर विधायक अंबादास दानवे ने उठाऐ सवाल, करोड़ों के घोटाले की जांच की मांग

छत्रपति संभाजीनगर मनपा अधिकारियों पर दबाव डालने वालों पर होगी सख्ती, नगरसेवकों के रिश्तेदारों की एंट्री बंद

STEMI Maharashtra बना हार्ट अटैक मरीजों की नई उम्मीद, AI से 10 मिनट में पहचान, 1.49 लाख मरीजों का समय पर इलाज

भंडारा की महिला का वोटर रिकॉर्ड पहुंचा उत्तर प्रदेश, SIR सत्यापन में गड़बड़ी का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी तंत्र की उपस्थिति केवल औपचारिक रह गई है। कर्मचारी नियमित रूप से सेवाएं देने के बजाय केवल वेतन लेने तक सीमित हैं, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

भौतिक विकास में पिछड़ी तहसील

उल्लेखनीय है कि सालेकसा तहसील पिछले करीब 30 वर्षों से नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्र के रूप में जानी जाती रही है। तहसील के गठन को 44 वर्ष पूरे होने के बावजूद यहां भौतिक विकास अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।

हालांकि, बीते कुछ वर्षों में बदलाव के संकेत भी दिखे हैं। देश में संचार और तकनीकी विस्तार का असर यहां के युवाओं पर भी पड़ा है। विशेषकर पिछले दो वर्षों में कई युवाओं ने विभिन्न माध्यमों के जरिए अपने लक्ष्य हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिससे मुख्यधारा से जुड़ने की प्रक्रिया धीरे-धीरे तेज होती दिखाई दे रही है।

  • सालेकसा तहसील आदिवासी बहुल और दूरस्थ क्षेत्र
  • करीब 20 गांवों में अब भी मोबाइल नेटवर्क नहीं
  • सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाओं का गंभीर अभाव
  • बारिश में संपर्क मार्ग बनते हैं खतरनाक
  • शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर

Salekasa gondia tribal villages infrastructure crisis mobile network

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 24, 2026 | 04:05 PM

Topics:  

  • Gondia News
  • Maharashtra News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.