साकोली में बारिश की बेरुखी से रेनकोट-छाता बाजार ठप, व्यापारियों की बढ़ी चिंता
Sakoli Rain: साकोली में नियमित बारिश नहीं होने से रेनकोट, छाता, ताड़पत्री और प्लास्टिक उत्पादों का बाजार सुस्त पड़ा है। व्यापारियों की बिक्री प्रभावित हुई है।
Raincoat Market (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Sakoli Raincoat Market: जून महिना समाप्ति की ओर है, लेकिन अब तक क्षेत्र में नियमित और जोरदार बारिश ने दस्तक नहीं दी है। इसका सीधा असर बारिश पर आधारित व्यवसायों पर दिखाई देने लगा है। साकोली शहर में ताड़पत्री, प्लास्टिक, छाता, रेनकोट, सीट कवर जैसे मौसमी उत्पादों का व्यापार ठंडा पड़ा हुआ है, जिससे छोटेबड़े व्यापारियों में चिंता का माहौल है। सामान्यतः हर ऋतु के अनुसार रोजगार और व्यापार में तेजी आती है, लेकिन इस वर्ष मौसम के असंतुलन ने बाजार की रफ्तार को थाम दिया है।
बारिश के मौसम में सड़क किनारे, फुटपाथ और साप्ताहिक बाजारों में दुकानें लगाकर अपना जीवनयापन करने वाले छोटे विक्रेताओं की आय पर इसका सीधा असर पड़ा है। तहसील मुख्यालय साकोली में ताड़पत्री और प्लास्टिक सामग्री के थोक एवं खुदरा विक्रेताओं की संख्या काफी अधिक है। हर साल बारिश से पहले ये व्यापारी लाखों रुपए का माल स्टॉक कर लेते हैं, ताकि मौसम शुरू होते ही बिक्री बढ़ सके।
मानसून की देरी का असर
लेकिन इस वर्ष बारिश की अनियमितता के कारण ग्राहकों की संख्या बेहद कम है। सीमित मजदूरों को मिल रहा कामकुछ दिनों पहले हल्की बारिश से व्यापारियों में उम्मीद जगी थी, लेकिन लगातार बारिश न होने से मांग में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो सकी। छाता, रेनकोट और चप्पलों की दुकानों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
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साकोली तहसील धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। सामान्यतः बारिश शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में बुआई और रोपाई के कार्यों में तेजी आती है, जिससे महिला मजदूरों को भी बड़े पैमाने पर रोजगार मिलता है। लेकिन इस वर्ष केवल सिंचाई सुविधायुक्त खेतों में ही काम शुरू हुआ है, जिससे सीमित मजदूरों को ही रोजगार मिल पा रहा है।
थोक विक्रेताओं में निराशा का वातावरण
शहर में प्लास्टिक कवर, त्रिपाल, वाहन सीट कवर जैसे उत्पादों का निर्माण भी छोटे गृह उद्योगों के माध्यम से किया जाता है। महामार्ग के किनारे इन उत्पादों की दुकानें सजी हुई हैं, लेकिन ग्राहक नदारद हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही मूसलाधार बारिश नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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खेत मजदूरों के काम प्रभावित
स्थानीय अनेक व्यापारियों ने कहा कि, हमने हर साल की तरह इस बार भी भारी मात्रा में माल खरीदा है, इस उम्मीद के साथ की इस बार अच्छी बारिश होगी एवं अच्छा व्यापार होगा लेकिन बारिश नहीं होने से बिक्री नहीं हो रही है। अगर बारिश जल्द शुरू नहीं हुई तो नुकसान उठाना पड़ेगा। खेतों में काम करने वाले मजदूरों ने कहा बारिश नहीं होने से खेतों में काम नहीं मिल रहा है। रोपाई शुरू नहीं होने से हमारी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।
