गोंदिया में स्कूल बसों पर RTO की बड़ी कार्रवाई, 38 वाहनों का पंजीकरण रद्द, 3.57 लाख का जुर्माना
Gondia News: गोंदिया में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़! अप्रैल-जुलाई 2025 के बीच 38 स्कूल बसों का पंजीकरण RTO ने रद्द किया, ₹3.57 लाख जुर्माना भी ठोका गया।
- Written By: आकाश मसने
स्कूल बस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gondia school buses Registration Cancelled News: गोंदिया में स्कूली बच्चों के परिवहन को लेकर गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO) द्वारा की गई एक जांच में यह खुलासा हुआ है कि जिले में कई स्कूल बसें और अन्य वाहन यातायात नियमों का उल्लंघन कर बच्चों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। पिछले चार महीनों, यानी अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच, 38 बसों को खतरनाक तरीके से संचालित पाया गया, जिसके बाद उनका पंजीकरण रद्द कर दिया गया है और कुल 3 लाख 57 हजार 700 रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई अभिभावकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि वे अपने बच्चों के स्कूल जाने वाले वाहन की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
145 वाहनों का हुआ निरीक्षण
RTO ने इस अवधि में कुल 145 वाहनों का निरीक्षण किया, जिसमें 114 स्कूल बसें और 35 अन्य वाहन शामिल थे जिनका इस्तेमाल छात्रों को ले जाने के लिए किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान, यह पाया गया कि 34 स्कूल बसें और चार अन्य वाहन नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
RTO ने बताया कि निजी स्कूलों में लगभग 45% छात्र स्कूल बसों से, 30% स्कूल वैन से और 10% ऑटो रिक्शा से यात्रा करते हैं। यही वजह है कि छात्रों के सुरक्षित परिवहन को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं, जिनमें वाहनों का रंग, बैठने की क्षमता और गति सीमा शामिल है।
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फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य
न्यायालय के आदेश और परिवहन विभाग के निर्देशों के अनुसार, स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के लिए साल में एक बार RTO से फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। यह सर्टिफिकेट जारी करने से पहले वाहन की स्थिति, ब्रेक, लाइट, ड्राइवर का लाइसेंस और उसका आपराधिक रिकॉर्ड, और वाहन के दस्तावेजों की पूरी तरह से जांच की जाती है।
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हाल ही में शुरू हुए इस निरीक्षण अभियान में, यह साफ हो गया है कि स्कूल बस मालिक और स्कूल संचालक वाहनों की फिटनेस को लेकर गंभीर नहीं हैं। RTO ने ऐसे वाहनों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की है। कुल जुर्माने की राशि में से 3,31,700 रुपये विभागीय स्तर पर तय किए गए, जबकि 26,000 रुपये का जुर्माना अन्य मामलों में लगाया गया है।
यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। RTO ने सभी वाहन मालिकों और स्कूलों से नियमों का पालन करने और अपने वाहनों का समय पर फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने की अपील की है ताकि बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।
