विजयादशमी पर शोध प्रबंध विमोचित, पं. श्रीराम शर्मा आचार्य: व्यक्तित्व व कार्य और मानवता” का लोकार्पण

Vijayadashami: विजयादशमी के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ, गोंदिया में साहित्यकार गोवर्धन बिसेन के शोध प्रबंध “पं। श्रीराम शर्मा आचार्य : उनका व्यक्तित्व व कार्य और मानवता” का विमोचन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
विजयादशमी पर शोध प्रबंध विमोचित
विजयादशमी पर शोध प्रबंध विमोचित (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Gayatri Shaktipeeth Gondia: विजयादशमी के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ, गोंदिया में साहित्यकार गोवर्धन बिसेन के शोध प्रबंध “पं. श्रीराम शर्मा आचार्य : उनका व्यक्तित्व व कार्य और मानवता” का विमोचन कार्यक्रम संपन्न हुआ। अध्यक्षता डॉ. विपिन बैस ने की। गोविंद येड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे अन्य अतिथियों में इंजी। देबीलाल पटले, पंकज परमार, तारेंद्र बिसेन, सुरेश चव्हान, छत्रपाल पटले, रविंद्र हत्तीमारे, तेजेश्वरी बिसेन, लता तुरकर सहित गायत्री परिवार के अनेक साधक व सदस्य उपस्थित थे।

विचार व्यक्त करते हुए शोधार्थी गोवर्धन बिसेन ने कहा कि “गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के विशाल व्यक्तित्व और वृहद कार्य को यदि किसी उपमा में समेटा जा सकता है, तो वह है ‘गागर में सागर’। इस असीम सागर में डुबकी लगाकर मैंने केवल कुछ रत्नों को खोजने का प्रयास किया है। गुरुदेव के जिन ग्रंथों और विचारों तक मेरी पहुंच हुई, उनके अध्ययन-मनन के आधार पर यह शोध प्रबंध प्रस्तुत किया गया है।”

गुरुदेव की बहुआयामी दृष्टिकोण

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ। विपिन बैस ने कहा कि परमपूज्य गुरुदेव के व्यक्तित्व, कार्य और मानवता पर गोवर्धन बिसेन द्वारा प्रस्तुत यह शोध प्रबंध देखकर प्रसन्नता हुई। इसमें गुरुदेव की मानवता के प्रति बहुआयामी दृष्टि को समाहित करने का सराहनीय प्रयास किया गया है। निस्संदेह यह शोध प्रबंध समाज के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। इससे पूर्व गोवर्धन बिसेन के ‘मयरी’, ‘पुरखाइन को गौरवशाली इतिहास’ तथा ‘मृदगंध’ प्रकाशित हो चुके हैं।

इसके अतिरिक्त उनकी पोवारी, मराठी व हिंदी की अनेक कविताएं, कहानियां और लेख स्टोरीमिरर, अमर उजाला, शॉपीजन, प्रतिलिपि जैसे बहुभाषी साहित्य मंचों पर उपलब्ध हैं। उनकी कविताएं दर्जनों साझा काव्य संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं तथा अनेक सामाजिक पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में भी नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं।

समाजसेवा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान

उत्कृष्ट साहित्य सृजन हेतु उन्हें 'पोवारी साहित्य रत्न', 'साहित्य कला कुमुदिनी रत्न', 'राष्ट्रीय साहित्यकार', 'राष्ट्रीय प्रतिभा', 'लिटररी ब्रिगेडियर' जैसे सम्मानों से विभूषित किया गया है। साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें 'अंतर्राष्ट्रीय मगध गौरव सम्मान' भी प्राप्त हुआ। वर्ष 2024 में उनके ‘मयरी’ पोवारी काव्य संग्रह को 'सर्वोत्कृष्ट पोवारी साहित्य' पुरस्कार तथा ‘मृदगंध’ मराठी काव्य संग्रह को 'राज्य स्तरीय वी.दा. करंदीकर पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।

पं.श्रीराम शर्मा आचार्य : उनका व्यक्तित्व व कार्य और मानवता शोध प्रबंध के विमोचन पर डॉ. चिन्मय पंड्या, अखिल विश्व गायत्री परिवार, अखिल भारतीय क्षत्रिय पोवार महासंघ, तथा देशभर के विभिन्न साहित्य मंचों के साहित्यकारों के साथ-साथ आत्मीय जनों और मित्रों ने हार्दिक बधाइयां प्रेषित की।

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