ज्वार-चावल-गेहूं का कोटा अब फोन पर, आपूर्ति विभाग ने लागू किया SMS सिस्टम, बढ़ेगी पारदर्शिता
Maharashtra Ration SMS Alert: महाराष्ट्र में राशन कार्ड धारकों के लिए नई SMS सुविधा शुरू। अब अनाज मिलने से पहले मोबाइल पर मात्रा और प्रकार की पूरी जानकारी मिलेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
- Written By: प्रिया जैस
राशन के लिए एसएमएस सिस्टम (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Food Supply Department Maharashtra: राज्य में राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए सरकार ने एक बहुत जरूरी फैसला लिया है। अभी तक, राशन दुकान पर जाने के बाद अगले महीने मिलने वाले अनाज की जानकारी मिलती थी, लेकिन अब नागरिकों को राशन की दुकान पर जाने से पहले उनके मोबाइल पर एसएमएस के जरिए अनाज की जानकारी मिलेगी।
इससे अनाज के वितरण में पारदर्शकता की संभावना बढ़ गई है और यह सुविधा नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत है। राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और असरदार बनाने और गड़बड़ियों को रोकने के लिए आपूर्ति विभाग ने यह एसएमएस सिस्टम लागू किया है। कई लाभार्थियों को नवंबर से यह एसएमएस सर्विस मिलनी शुरू हो गई है, और इसमें ज्वार, चावल और गेहूं की कितनी मात्रा दी जाएगी, इसकी साफ जानकारी मिलती है।
वितरण से पहले मिलेगा नोटिफिकेशन
एसएमएस सिस्टम लागू होने के बाद, हर लाभार्थी को अनाज वितरित से पहले एक नोटिफिकेशन मिलेगा। इस मैसेज में मिलने वाले अनाज का टाइप, क्वांटिटी और महीना, साथ ही यह जानकारी भी मैसेज में दी जाती है कि यह अनाज राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट के तहत पूरी तरह से अच्छा है।
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अनाज के बीच का अंतर पहचानना आसान
अनाज मिलने के बाद न मिलने की जानकारी SMS से भेजी जा रही है, जिससे गड़बड़ियों पर रोक लगने की उम्मीद है। आपूर्ति विभाग ने शिकायतों के लिए एक टोल-फ्री नंबर जारी किया है। अगर लोगों को कोई सवाल है तो वे 1800-224950 या 1967 पर संपर्क कर सकते हैं।
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इसके अलावा, अगर मैसेज नहीं मिलता है, तो लाभार्थी ‘मेरा राशन ऐप’ पर अपना आधार नंबर डालकर अपने अनाज का कोटा चेक कर सकते हैं। इस ऐप से मंजूर हुए अनाज और असल में मिले अनाज के बीच का अंतर पहचानना आसान हो गया है।
मोबाइल नंबर लिंक जरूरी
एसएमएस सर्विस सिर्फ उन्हीं लाभार्थियों को मिलेगी जिनका मोबाइल नंबर उनके राशन कार्ड से लिंक है। जिन लोगों ने अभी तक इसे अपडेट नहीं किया है, उनसे अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी राशन की दुकानों पर जाकर अपना नंबर रजिस्टर करा लें।
आपूर्ति विभाग ने माना है कि अभी कुछ टेक्निकल दिक्कतें हैं। कुछ लाभार्थियों को गलत मैसेज मिलने की शिकायत पर जांच चल रही है और सिस्टम को अपडेट करने का काम तेजी से किया जा रहा है।
