स्वच्छता अभियान : कबाड़ निपटान से रेलवे को 570 करोड़ रुपये का लाभ

Rail Ministry:रेल मंत्रालय ने विशेष अभियान 5.0 के तहत कबाड़ निपटान से 570 करोड़ रु. अर्जित किए। देशभर में 84,000 से अधिक स्वच्छता अभियान चलाए गए।
कबाड़ निपटान से रेलवे को 570 करोड़ रुपये का लाभ
कबाड़ निपटान से रेलवे को 570 करोड़ रुपये का लाभ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Updated on

Gondia News: रेल मंत्रालय ने प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित विशेष अभियान 5.0 में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना, लंबित मामलों का निपटान करना और अभिलेख प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना था। यह अभियान रेलवे बोर्ड के मार्गदर्शन और निगरानी में सभी क्षेत्रीय रेलवे जोनों तथा उत्पादन इकाइयों में लागू किया गया।

विशेष अभियान 5.0 के तहत रेल मंत्रालय का प्रदर्शन पिछले विशेष अभियान 4.0 की उपलब्धियों से भी बेहतर रहा। अभियान की अवधि के दौरान मंत्रालय ने देशभर में स्टेशनों, कार्यालयों और कार्यस्थलों पर कुल 84,184 स्वच्छता अभियान चलाए। कार्यालयों और कार्यस्थलों में कबाड़ निपटान पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप 6.06 लाख वर्ग फुट जगह खाली हुई और 570 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

लंबित मामलों के निपटान

रेलवे बोर्ड के सशक्त नेतृत्व में मंत्रालय ने जन शिकायतों, वीआईपी संदर्भों और अन्य लंबित मामलों के निपटान से संबंधित सभी निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया। अभियान के दौरान 99,968 फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 59,248 भौतिक फाइलें और 7,482 ई-फाइलें बंद या हटाई गईं।

जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 105 प्रमुख स्टेशनों सहित विभिन्न स्थानों पर ‘अमृत संवाद’ के रूप में नागरिक-केंद्रित पहलें आयोजित की गईं। सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान की व्यापक कवरेज की गई, जिससे देशभर में स्वच्छता आंदोलन के प्रति जागरूकता और रुचि में वृद्धि हुई।

रेल मंत्रालय की ये उपलब्धियां

कार्यान्वयन अवधि के दौरान मंत्रालय द्वारा एक्स (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कुल 22,636 पोस्ट और अनेक पुनःपोस्ट साझा किए गए, जो उच्च स्तर की जनसहभागिता को दर्शाते हैं। रेल मंत्रालय की ये उपलब्धियां सभी स्तरों पर रेलवे कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों और विशेष अभियान के उद्देश्यों के प्रति मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com