Bhandara News: स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं से समय पर शुगर जांच कराने की अपील की है। बदलती जीवनशैली और गलत खानपान की आदतों के कारण गर्भवती महिलाओं में मधुमेह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
जिले में अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के दौरान कुल 13,713 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें से 482 महिलाओं में गर्भावस्था मधुमेह का निदान हुआ है। गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं के रक्त में शुगर का स्तर पहली बार बढ़ जाता है, जिसे जेस्टेशनल डायबिटीज मेलिटस (GDM) कहा जाता है।
भारत में हर 100 गर्भवती महिलाओं में लगभग 15 से 20 महिलाओं को यह समस्या होती है। यदि रक्त शर्करा को नियंत्रित नहीं किया गया, तो इसका असर मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रत्येक गर्भवती महिला को गर्भावस्था के 24 से 28 सप्ताह के बीच ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट अवश्य कराना चाहिए। गर्भावस्था मधुमेह होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। सही आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह से रक्त शर्करा को नियंत्रित कर स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया जा सकता है।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। अधिक से अधिक महिलाओं से अपनी स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की गई है।