

OBC Census Demand Maharashtra: राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी समाज के लिए स्वतंत्र कॉलम नहीं रखे जाने के विरोध में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के ओबीसी विभाग के प्रतिनिधि मंडल ने विधायक नाना पटोले के नेतृत्व में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिश्नु देव वर्मा को राजभवन में ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि राष्ट्रीय जनगणना में दसवें कॉलम में ओबीसी समाज के लिए स्वतंत्र प्रावधान नहीं किया गया है। इससे देश के मेहनती किसान व बहुजन ओबीसी समाज के साथ बड़ा अन्याय होने की आशंका है। ओबीसी समाज को उसकी वास्तविक जनसंख्या के आधार पर संवैधानिक अधिकार व न्याय दिलाने के लिए उसकी स्वतंत्र जनगणना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केंद्र सरकार ने ओबीसी समाज की जनगणना के संबंध में जो आश्वासन दिया था, उसे पूरा करना चाहिए। एससी और एसटी समाज की तर्ज पर ओबीसी समाज की भी स्वतंत्र गणना कर उसकी जनसंख्या का वास्तविक आंकड़ा सामने लाया जाना चाहिए। इससे ओबीसी समाज के लिए शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व व अन्य संवैधानिक अधिकारों की दिशा में उचित नीति बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रतिनिधि मंडल ने चेतावनी दी कि ओबीसी समाज में इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव में जागरूकता बढ़ रही है। यदि समय रहते इस मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो व्यापक जनआक्रोश व आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है।
इसलिए शासन व केंद्र सरकार को समय रहते इस गंभीर विषय पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। इस अवसर पर कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. भानुदास माली, राष्ट्रीय समन्वयक व जिला परिषद सदस्य विमल बबलू कटरे, मंगला भुजबल, राज्य महासचिव वैरागडे, तुषार पेंढारकर सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 30 प्रतिनिधि उपस्थित थे।