विधायक नाना पटोले के प्रयासों से साकोली के विकास प्रारूप को मिली अंतिम मंजूरी, भंडारा में विकास का रास्ता साफ

Sakoli DP Approved: साकोली-सेंदुरवाफा के संशोधित विकास प्रारूप को महाराष्ट्र सरकार ने अंतिम मंजूरी दे दी है। इससे सड़क, आवासीय, व्यावसायिक और बुनियादी सुविधाओं के नियोजित विकास का रास्ता साफ होगा।
sakoli sendurwafa revised development plan approved
साकोली विकास प्रारूप(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Sakoli Development Plan: भंडारा जिले के साकोली-सेंदुरवाफा शहर के भविष्य और नियोजित विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले संशोधित विकास प्रारूप (डीपी) को आखिरकार महाराष्ट्र शासन स्तर पर अंतिम मंजूरी मिल गई है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक नाना पटोले की ओर से राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से प्रत्यक्ष मुलाकात करने तथा नगर विकास विभाग के साथ लगातार किए गए सशक्त फॉलोअप के बाद यह ऐतिहासिक सफलता हासिल हुई है।

शासन की ओर से जारी 31 अगस्त की आधिकारिक अधिसूचना के साथ ही साकोली-सेंदुरवाफा शहर के सर्वांगीण एवं नियोजित विकास का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया है। उल्लेखनीय है कि साकोली-सेंदुरवाफा का प्रशासनिक सफर ग्राम पंचायत से शुरू होकर नगर पंचायत और तत्पश्चात नगर परिषद के रूप में विस्तृत हुआ। इस प्रशासनिक प्रगति के साथ ही शहर की आबादी, नई बस्तियों के निर्माण और नागरिक आवश्यकताओं में भी अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई।

अंतिम विकास प्रारूप

हालांकि, अंतिम विकास प्रारूप (डीपी) शासन स्तर पर लंबित होने के कारण शहर में सड़कों का चौड़ीकरण, भूमि का सही उपयोग, नागरिक सुविधाएं तथा सार्वजनिक उपयोग के लिए दीर्घकालीन आरक्षण तय करने में लगातार प्रशासनिक एवं तकनीकी अड़चनें आ रही थीं। शहर की इस विकट स्थिति और भविष्य की जरूरतों को भांपते हुए विधायक नाना पटोले ने इस संवेदनशील मुद्दे को शासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने नगर विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरंतर बैठकें कीं और शासन का ध्यान शहर के रुके हुए विकास की ओर आकर्षित किया। उनके इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप अब शहर के पास आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक एवं मूलभूत बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के सुनियोजित विस्तार के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी वैधानिक ढांचा उपलब्ध हो गया है।

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आपत्तियों और सुझावों पर विचार-विमर्श

महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन एवं नगर रचना अधिनियम, 1966 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए, नागरिकों से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर गहन विचार-विमर्श के बाद यह विकास योजना तैयार की गई है। शासन ने कुछ आवश्यक शर्तों के साथ इसे स्वीकृति प्रदान की है। अधिसूचना में उल्लेखित ई.पी.-1 से ई.पी.-10 तक के सारभूत फेरबदल को छोड़कर पूरे संशोधित प्रारूप को मंजूरी दी गई है। यह स्वीकृत योजना शासकीय राजपत्र में प्रकाशित होने के 30 दिन बाद से पूरे साकोली-सेंदुरवाफा क्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी।

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