गोंदिया. घनकचरा व्यवस्थापन प्रकल्प के लिए कोई जगह देने तैयार नहीं होने से नप संकट में फंस गई है. इस समस्या का निवारण करने के लिए नप एमआयडीसी में प्रकल्प स्थापित करेगी. इस लिए नप ने अब जगह की खोज शुरू करने का निर्णय नप की विशेष सभा में सर्वानुमति से किया है. मोक्षधाम परिसर में डाले जाने वाले कचरे व उसमें आग लगाने से गणेश नगर व परिसर के नागरिकों को परेशानी होने पर उन्होंने मोक्षधाम क्षेत्र में कचरा डालने से मनाई की है.
नगराध्यक्ष अशोक के. इंगले की अध्यक्षता में हुई सभा में सबसे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस के पार्टी नेता व सभापति सतीश देशमुख ने अब नप द्वारा मोक्षधाम परिसर में कचरा डालने से मना करने पर इस विषय को बाजु रखकर नई जगह खोजने पर चर्चा करें ऐसा प्रतिपादन किया. वहीं सभापति राजकुमार कुथे ने गणेश नगर परिसर में निर्माण हुई परिस्थिति गंभीर है इस पर पर्यायी व्यवस्था करना जरूरी बताया.
इसी तरह कचरे की व्यवस्था करने के लिए 4-5 जगह की जानकारी दी. पार्षद जीतेंद्र पंचबुद्धे ने नप की स्वास्थ्य सेवा पर लचर होने का आरोप लगाते हुए उस ओर विशेष ध्यान देने की मांग की. उन्होंने कहा कि फिलहाल गणेश नगर परिसर के हजारों नागरिक सडक पर उतरे लेकिन भविष्य में इस तरह की स्थिति रहने पर शहर के डेढ़ लाख नागरिक सड़क पर उतरेंगे. इसके लिए व्यवस्था करने की जरूरत बताई.
इस पर भाजपा के पार्टी नेता घनश्याम पानतवने ने शहर का कचरा डालने के लिए शहरवासियों का ही विरोध है. इसी तरह कहीं भी नागरिक जगह देने तैयार नहीं है. जिससे उन्होंने कहा कि नप का प्रकल्प एमआयडीसी स्थापित करना उचित बताया. इस पर सभी ने सहमति दर्शाई व अब एमआयडीसी में प्रकल्प निर्माण करने व उसके लिए जगह की खोज करने का निर्णय सर्वानुमति से किया गया है.
जिला मुख्यालय वाली सबसे बड़ी इस नप द्वारा कचरे की समस्या हल करने के लिए एमआयडीसी में जगह की खोजने व जगह मिलने पर नप तत्काल काम शुरू करेगी. इसके लिए नप के पास लगभग 8 करोड़ रु. निधि भी उपलब्ध है. जिससे जगह मिलते ही कुछ ही दिनों में संपुर्ण शहर के कचरे की समस्या हल हो जाएगी. ऐसी जानकारी मुख्याधिकारी करणकुमार चव्हान ने दी है.
गणेश नगर वासियों के विरोध के बाद अब नप ने मोक्षधाम परिसर में कचरा डालना बंद किया है. इसके बाद कचरा पिंडकेपार में 15 दिन के लिए एक शासकीय जगह पर डालने की अस्थायी व्यवस्था की गई है.