गोंदिया में तेंदुए का तांडव बरकरार, टिकायतपुर में घर के भीतर घुसकर 2 बकरियों को उतारा मौत के घाट!
Leopard Attack Gondia: गोंदिया जिले के टिकायतपुर में घर में घुसा तेंदुआ, 2 बकरियों का किया शिकार। पिंजरे लगने के बाद भी आतंक बरकरार। वन विभाग के रवैये से ग्रामीणों में भारी रोष।
- Written By: प्रिया जैस
गोंदिया में तेंदुए का आतंक (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Human-Wildlife Conflict Maharashtra: महाराष्ट्र में वन्यजीव और मानव के बीच संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। गोंदिया के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका असर दिखाई दे रहा है। गंगाझरी से सटे टिकायतपुर गांव का है, जहां मध्य रात्रि एक तेंदुए ने घर में घुसकर दो बकरियों को मार डाला। तिरोड़ा के खड़की डोंगरगांव व बुचाटोला से अब तक एक-एक तेंदुए को पिंजरे में कैद करके नागपुर भेजा जा चुका है।
जिससे लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि इस घटना ने फिर से लोगों को चिंता में डाल दिया है। टिकायतपुर निवासी परमेश्वर कवरे के घर के पास बने बकरी के बाड़े में मंगलवार की रात एक तेंदुआ घुस आया। बाड़े में कुल तीन बकरियां बंधी हुई थीं। तेंदुए ने अचानक हमला कर दो बकरियों को मौत के घाट उतार दिया।
बकरियों की चीख-पुकार सुनकर जब घर के सदस्य जागे तो उन्होंने तेंदुए को भगाने के लिए जोर-जोर से आवाज लगाई और थाली, ड्रम बजाए। शोरगुल के बीच तेंदुआ एक बकरी को खींचकर घर के पीछे आंगन की ओर, लगभग 100 फीट दूर ले गया। लेकिन लोगों की बढ़ती आवाज और हलचल के कारण वह बकरी को वहीं छोड़कर जंगल की दिशा में भाग गया। घटना स्थल पर एक बकरी बाड़े में मृत पाई गई, जबकि दूसरी बकरी बाड़े से कुछ दूरी पर पड़ी मिली। तीसरी बकरी इस हमले में बच गई।
सम्बंधित ख़बरें
सुरक्षा को लेकर चिंतित ग्रामीण
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। मौके पर मिले पंजों के निशान और हमले के तरीके को देखते हुए अधिकारियों ने यह पुष्टि की कि यह हमला तेंदुए द्वारा ही किया गया है। वन अधिकारियों ने बताया कि गांव से सटे जंगल क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां बढ़ी है।
यह भी पढ़ें – महाराष्ट्र ने तोड़ा अपना रिकॉर्ड: दावोस में 37.27 लाख करोड़ के 81 समझौते, नागपुर में 1.95 लाख करोड़ का निवेश
जंगल में शिकार की कमी होने से तेंदुए भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर आ रहे हैं। इस घटना के बाद टिकायतपुर और आसपास के गांवों में ग्रामीणों में भय व्याप्त है। लोग रात के समय बाहर निकलने से कतरा रहे हैं और अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
वन कर्मचारियों के जवाब से असंतुष्ट
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात के समय मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर बांधने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को देने की अपील की है। वहीं, कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि वन्यप्राणी नियंत्रण को लेकर जब उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों से चर्चा की, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे लोगों में रोष देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए के बंदोबस्त के लिए ठोस व तत्काल कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।
