6 माह में उखड़ा कोसंबी-बकी-मेंडकी मार्ग, ग्रामीणों ने संबंधित अभियंता के वेतन से कटौती की मांग

Gondia PWD: सड़क अर्जुनी क्षेत्र में कोसंबी-बकी-मेंडकी सीमेंट सड़क छह महीने में उखड़ने पर ग्रामीणों ने घटिया निर्माण की जांच और संबंधित अभियंता के वेतन से कटौती की मांग की है।
Sadak Arjuni road issue
poor road construction (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Sadak Arjuni Road Issue: सड़क अर्जुनी सार्वजनिक निर्माण उपविभाग के अंतर्गत तहसील के कोसंबी-कोल्हारगांव-बकी-मेंडकी सीमेंट सड़क का निर्माण करीब छह महीने पहले किया गया था, लेकिन इतने कम समय में ही यह सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों ने निर्माण विभाग से सड़क निर्माण की जांच कर संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई करने और नए सिरे से सड़क निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही इस निर्माण के लिए खर्च की गई राशि संबंधित अभियंता के वेतन से काटने की मांग भी की गई है।

निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग

आदिवासी बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से कोसंबी, बकी और मेंडकी गांवों में प्रत्येक 50 लाख रुपये की लागत से दो सीमेंट कंक्रीट सड़कों को मंजूरी दी गई थी। इन सड़कों का निर्माण लोक निर्माण विभाग के माध्यम से कराया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया और पानी का उचित छिड़काव भी नहीं किया गया। इसी कारण सड़क छह महीने के भीतर ही उखड़ गई। निर्माण के दौरान जब ग्रामीणों ने ठेकेदार और इंजीनियर से गुणवत्ता को लेकर सवाल किए, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिणामस्वरूप, सड़क बहुत कम समय में खराब हो गई।

निर्माण स्थल पर साइन बोर्ड तक नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर कोई सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया है। इसमें यह जानकारी नहीं दी गई कि सड़क किस योजना के तहत बनाई गई, कुल स्वीकृत निधि कितनी थी, कितना खर्च हुआ, कार्यान्वयन एजेंसी कौन है और ठेकेदार कौन है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग नागरिकों ने प्रशासन से की है।

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