गोरेगांव की 33 आंगनवाड़ियां जर्जर, बच्चों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा
Goregaon Anganwadi News: गोरेगांव तहसील की अधिकांश आंगनवाड़ी इमारतें जर्जर हालत में पहुंच गई हैं। बारिश में सीपेज, गिरते स्लैब और बुनियादी सुविधाओं की कमी से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
- Written By: केतकी मोडक
आंगनवाड़ी प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Goregaon Anganwadi Building Condition: गोंदिया जिले के गोरेगांव तहसील में एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (ICDS) के अंतर्गत तहसील में संचालित अधिकतर आंगनवाड़ी इमारतें देखरेख के अभाव में बद से बदतर हालत में पहुंच गई हैं। तहसील में कुल 204 आंगनवाड़ियां हैं, जिनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित अधिकांश इमारतें बेहद जर्जर अवस्था में हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ इमारतों का निर्माण कार्य हाल ही में हुआ है, लेकिन घटिया दर्जे की निर्माण सामग्री के चलते ऐसी अनेक नई इमारतों की छतों से भी पानी टपकने की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
गोरेगांव शहर की कुल 10 आंगनवाड़ियों में से 5 की हालत अत्यंत दयनीय है। इनकी मरम्मत का आधिकारिक प्रस्ताव बाल विकास कार्यालय भेजा गया था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक इस पर अनदेखी जारी है। बरसात के दौरान इन आंगनवाड़ियों की छतों से पानी रिसने (सीपेज) लगता है, साथ ही स्लैब के सीमेंटेड टुकड़े नीचे गिर रहे हैं। इससे यहां आने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
जिला परिषद में ठंडे बस्ते में पड़े हैं प्रस्ताव
एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, तहसील की 204 आंगनवाड़ियों में से 33 इमारतें ‘अति जीर्ण’ (पूरी तरह खंडहर) घोषित होने की कगार पर हैं। इन पुरानी और जर्जर इमारतों की मरम्मत व नए निर्माण के प्रस्तावों को जिला परिषद (जीप) कार्यालय भेजे हुए वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक ढर्रे के कारण कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पा रहा है।
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मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव
गोंदिया जिला परिषद कार्यालय के स्तर पर तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति मिलने में हो रहे अत्यधिक विलंब के कारण, छोटे विद्यार्थियों को आज भी उसी असुरक्षित और पुरानी जीर्ण इमारत के नीचे बैठकर पढ़ना पड़ रहा है, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके अलावा, ज्यादातर आंगनवाड़ियों में पेयजल (पीने का पानी) और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
बाल विकास प्रकल्प कार्यालय द्वारा तहसील की सभी आंगनवाड़ियों में शौचालय व स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन फिलहाल वे सभी फाइलें सरकारी विभागों के ठंडे बस्ते में पड़ी हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों और पालकों में गहरा रोष है।
