भंडारा में बारिश की बेरुखी से बढ़ी किसानों की चिंता, खरीफ बुआई ठप
Bhandara Monsoon: भंडारा जिले में मानसून अपेक्षित रूप से सक्रिय नहीं होने से खरीफ बुआई प्रभावित हो रही है। खेत तैयार होने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान बुआई टाल रहे हैं।
- Written By: केतकी मोडक
खरीफ़ बुआई प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Bhandara Kharif Sowing Delay: इस वर्ष मानसून के अब तक उम्मीद के अनुरूप सक्रिय नहीं होने से भंडारा जिले के किसान गहरी चिंता में डूब गए हैं। पिछले कई दिनों से आसमान में काले बादल छा रहे हैं और तेज गर्जना, बिजली की चमक व धूलभरी हवाओं का दौर लगातार जारी है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में केवल हल्की फुहारें ही पड़ रही हैं। इस मामूली बूंदाबांदी से खेतों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही है, जिससे खेती-किसानी के कामों को कोई खास लाभ नहीं हो रहा है।
बारिश का बेसब्री से इंतजार
खरीफ सीजन की शुरुआत हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन संतोषजनक बारिश नहीं होने के कारण खेतों में बुआई का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। किसानों ने मानसून पूर्व ही खेतों की जुताई, कल्टीवेशन (समतलीकरण) और अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं।
खाद और बीज भी खरीदकर रख लिए गए हैं, परंतु पर्याप्त वर्षा के अभाव में किसान महंगे बीजों को बोने का जोखिम उठाने से कतरा रहे हैं। यदि सूखे खेतों में बुआई कर दी गई, तो बीजों के अंकुरित न होने और खराब होने का बड़ा खतरा है। इसके चलते खरीफ सीजन का गणित लगातार पीछे खिसकता जा रहा है और अन्नदाता आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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खरीफ की बुआई का संकट
भंडारा जिले के कुछ चुनिंदा हिस्सों में हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई है, लेकिन वह केवल धूल शांत करने तक ही सीमित रही। खेतों की मिट्टी अंदर से पूरी तरह सूखी होने के कारण धान, सोयाबीन, अरहर, कपास और अन्य मुख्य खरीफ फसलों की बुआई के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन पाई हैं।
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इससे पूरे ग्रामीण और कृषि क्षेत्र में निराशा और चिंता का माहौल है। अब किसानों की निगाहें केवल मौसम विभाग के अनुमानों और आसमान पर टिकी हैं कि जिले में मानसून कब पूरी तरह सक्रिय होगा। यदि आने वाले कुछ दिनों में मूसलाधार और अच्छी बारिश नहीं हुई, तो खरीफ की बुआई का संकट और अधिक गहराने की आशंका किसानों की ओर से जताई जा रही है।
